इंदौर

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फसल में हुए लाखों खर्च नहीं मिली लागत, मजबूर होकर ऊंटो को खिलाने पड़े टमाटर

किसानों को टमाटर की फसल का उचित दाम नहीं मिलने की वजह से उन्हें जानवरों को टमाटर खिलाना पड़ रहा है।

Dainik Bhaskar

Feb 08, 2018, 04:14 AM IST
फसल का उचित दाम नहीं मिला तो किसान ने ऊंट को पूरे खेत के टमाटर खिला दिया। फसल का उचित दाम नहीं मिला तो किसान ने ऊंट को पूरे खेत के टमाटर खिला दिया।

बड़वानी (इंदौर). जिले में किसानों को टमाटर की फसल का उचित दाम नहीं मिलने की वजह से उन्हें जानवरों को टमाटर खिलाना पड़ रहा है। किसानों के पास इसके अलावा कोई विकल्प में नहीं। किसानों के मुताबिक, उन्हें टमाटर की मार्केट की कीमत के मुकाबले आधी भी नहीं मिल रही है। कहां का है मामला...

दरअसल, जिले के राजपुर गांव की पहचान बन चुका टमाटर उत्पादक एरिया के रूप में जाना जाता है। यहां वाजिब दाम नहीं मिलने पर राजपुर किसानों को मजबूर होकर ऊंट और भेड़ों को टमाटर खिलाना पड़ रहा है।

किसान देवा मांगीलाल और गुडा राजाराम कहना है कि इसके अलावा उनके पास कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने दो से ढाई हेक्टेयर में टमाटर लगाया था। प्रति हेक्टेयर डेढ़ लाख का खर्च होने के बाद भी लागत नहीं मिल रही है।

बाजार में टमाटर की कीमत 10 से 15 रुपए प्रति किलो है। लेकिन व्यापारी हमसे 3 से 4 रुपए प्रति किलो में टमाटर बेचने को कह रहे हैं। यह संभव नहीं है।

दिल्ली सप्लाई नहीं होने से घटे टमाटर के दाम

- दिल्ली से ऑर्डर नहीं मिलने से बड़वानी जिले से टमाटर सप्लाई पर असर पड़ा है। राजपुर गांव में एक हेक्टेयर में 3 हजार हेक्टेयर टमाटर का उत्पादन होता है।

टमाटर खात ऊंट। टमाटर खात ऊंट।
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फसल का उचित दाम नहीं मिला तो किसान ने ऊंट को पूरे खेत के टमाटर खिला दिया।फसल का उचित दाम नहीं मिला तो किसान ने ऊंट को पूरे खेत के टमाटर खिला दिया।
टमाटर खात ऊंट।टमाटर खात ऊंट।
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