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17 राज्यों में क्रैश हुआ पोर्टल, आदेश तक ट्रायल पर ही रहेगा ई-वे बिल

ई-वे बिल योजना 1 फरवरी यानी गुरुवार से अनिवार्य नहीं हो पाई।

Dainik Bhaskar

Feb 02, 2018, 07:54 AM IST
trial will remain on e-way bill

इंदौर . ई-वे बिल योजना 1 फरवरी यानी गुरुवार से अनिवार्य नहीं हो पाई। गुरुवार को औपचारिक लॉन्चिंग के पहले ही दिन 17 राज्यों में कारोबारियों ने एक साथ बिल जेनरेट करने शुरू कर दिए। एकाएक दबाव बढ़ने पर 12 बजे जीएसटी नेटवर्क का पोर्टल क्रैश हो गया। बिल जेनरेट नहीं होने के चलते कारोबारी 50 हजार से ज्यादा कीमत वाले सामान राज्य के अंदर या बाहर नहीं भेज पाए।

- इधर इंदौर में ही 700 से ज्यादा ट्रक माल लेकर खड़े रहे, लेकिन ई-वे बिल नहीं होने के कारण किसी को रवाना नहीं किया गया। अफरा-तफरी की स्थिति बनती देख सेंट्रल बोर्ड ऑफ एक्साइज एंड कस्टम्स (सीबीईसी) के चेयरपर्सन वनजा सरना ने तुरंत एक मीटिंग बुलाई। इसमें फैसला हुआ कि अगले आदेश तक ई-वे बिल ट्रायल पर ही रखा जाए। यह कब से लागू किया जाएगा, इसकी कोई तारीख अभी नहीं बताई गई है।
- उल्लेखनीय है कि इस सिस्टम के तहत 50 हजार रुपए से ज्यादा का सामान राज्य के अंदर ही या राज्य के बाहर भेजने के लिए ई-वे बिल जेनरेट करना जरूरी है। पिछले साल 1 जुलाई को जीएसटी लागू होने के बाद आईटी नेटवर्क तैयार नहीं होने के चलते ई-वे बिल लागू करना स्थगित रखा गया था। इसे 1 फरवरी से लागू करने के लिए जीएसटी नेटवर्क ने 15 जनवरी से ट्रायल शुरू कर दिया था।

टेस्टिंग टाइम बढ़ाया गया

- इंटर स्टेट ई-वे बिल के लिए टेस्टिंग रन 16 जनवरी से 31 जनवरी तक था। व्यापारी और ट्रांसपोर्टर की दिक्कतों को देखते हुए इसका टेस्टिंग टाइम बढ़ा दिया गया है। यह किस अवधि के लिए बढ़ाया गया है। इसकी जानकारी बाद में दी जाएगी।

-राघवेंद्र सिंह, आयुक्त, राज्य कर विभाग, मप्र

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