--Advertisement--

इंदौर हादसा: दो बच्चे डिस्चार्ज, आईसीयू में छह बच्चे जिंदगी के लिए कर रहे संघर्ष

बस हादसे में घायल 8 बच्चोंं में से दो को शुक्रवार रात और शनिवार सुबह बाॅम्बे हॉस्पिटल से डिस्चार्ज कर दिया गया।

Dainik Bhaskar

Jan 07, 2018, 07:24 AM IST
two children discharges, six children in ICU struggle for life

इंदौर. बस हादसे में घायल 8 बच्चोंं में से दो को शुक्रवार रात और शनिवार सुबह बाॅम्बे हॉस्पिटल से डिस्चार्ज कर दिया गया। बाकी छह बच्चे अरीबा, खुशी बजाज, पार्थ बाशानी, शिवांग चावला, दैविक वाधवानी, सोमिल आहूजा और कंडक्टर बल्लू कल्याण सिंह अभी भी आईसीयू में भर्ती हैं। तीन बच्चे वेंटीलेटर पर सांस ले रहे हैं। जिन दो बच्चियों इंशिरा खान और भूमि बजाज को छुट्टी दी गई है, वह अब भी कुछ कहने की स्थिति में नहीं हैं। अभी उनके पूरे शरीर में दर्द बना हुआ है।

- मामूली छूने पर भी चिल्लाने लगती हैं। भर्ती बच्चे अभी भी बेसुध हैं। दर्द से कराहते हुए घर जाना है... कल का होमवर्क करना है...कह रहे हैं। वहीं माता-पिता आईसीयू के बाहर उनके ठीक होने की दुआएं कर रहे हैं। अस्पताल के राहुल पराशर ने बताया कि सभी की हालत स्थिर है। दोपहर में खुशी को देखने पहुंचे डॉ. दीपक कुलकर्णी ने बताया कि बच्ची को स्कल्प में फ्रैक्चर है।

एडीजी ट्रैफिक ने की घटनास्थ्ल की जांच

- सड़क हादसे में चार मासूमों की मौत से जहां पूरा इंदौर गमगीन है, वहीं आरटीओ डॉ. एमपी सिंह (फोटो में) का यह मुस्कराता चेहरा व्यवस्था की बेशर्म हंसी को बता रहा है। दरअसल, हादसे की जांच के लिए ट्रैफिक एडीजी विजय कटारिया शनिवार को बायपास स्थित घटना स्थल पर पहुंचे।

- वहां उन्होंने डिवाइडर की ऊंचाई और चौड़ाई मापी। इसके बाद वह दुर्घटनाग्रस्त बस का मुआयना करने कनाड़िया थाने पहुंचे। स्पीड गवर्नर लगा होने के बावजूद बस की स्पीड बहुत ज्यादा होने को लेकर उन्होंने बात की तो आरटीओ ने हंसते हुए कहा कि परिवहन विभाग में सॉफ्टवेयर धीरे-धीरे अपडेट हो रहे हैं। अगर इसी दौरान यह हादसा हो गया है तो हमारी कहां गलती है? पीथमपुर की किसी कंपनी के टेक्नीशियन को बस की जांच के लिए बुलाएंगे।

हाईकोर्ट में तीन याचिकाएं, कहा- स्कूल प्रबंधन व आरटीओ पर हो कार्रवाई

- हादसे में चार बच्चों की मौत के मामले में स्कूल प्रबंधन और आरटीओ पर कार्रवाई और हादसा रोकने के लिए गाइडलाइन बनाने की मांग को लेकर हाई कोर्ट में तीन जनहित याचिकाएं शनिवार को दायर की गई।

- इनमें डीपीएस स्कूल प्रबंधन, आरटीओ, केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय, कलेक्टर और शिक्षा विभाग को पक्षकार बनाया है। दायर याचिकाओं में कहा है कि स्कूली बसें पांच वर्ष से अधिक पुरानी न हों, फीस नियंत्रण हो, गति सीमा 40 किमी प्रति घंटे से अधिक न हो, प्रत्येक बस में दो-दो महिला-पुरुष अटेंडर हों।

two children discharges, six children in ICU struggle for life
two children discharges, six children in ICU struggle for life
two children discharges, six children in ICU struggle for life
X
two children discharges, six children in ICU struggle for life
two children discharges, six children in ICU struggle for life
two children discharges, six children in ICU struggle for life
two children discharges, six children in ICU struggle for life
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..