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घंटो तक 5 बुलडोजर ढहाते रहे अशियाना, ऐसे रोती रही फैमिली

फोरलेन 104 फीट का बनाने के लिए प्रशासन ने बुधवार को 53 मकान-दुकान 10 से 15 फीट तक तोड़ दिए।

Danik Bhaskar | Mar 15, 2018, 06:33 AM IST

रतलाम (इंदौर). मध्यप्रदेश के रतलाम के बाजना बस स्टैंड सिटी फोरलेन 104 फीट का बनाने के लिए प्रशासन ने बुधवार को 53 मकान-दुकान 10 से 15 फीट तक तोड़ दिए। सड़क की जद में आ रहे निर्माण तोड़ने के लिए भारी पुलिस बल की मौजूदगी में एक साथ 5 बुलडोजर चले, लोगों ने आक्रोश जताते हुए कार्रवाई रोकने का प्रयास किया। कुछ मकान-दुकान मालिक तो बुलडोजर के आगे ही जमीन पर लेट गए। उनका कहना था निर्माण तोड़ने से पहले बुलडोजरों को उनके ऊपर से गुजारना पड़ेगा। विरोध बढ़ता देख पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए भीड़ को खदेड़ दिया। करीब साढ़े 6 घंटे चली कार्रवाई के दौरान एक दुकान टूटने पर एक महिला तो बेहोश ही हो गई। कोर्ट का स्टे नहीं मिला...

- मंगलवार को चौड़ाई कम करने के लिए बाजना बस स्टैंड क्षेत्र के रहवासियों को स्टे नहीं मिला। इससे जिला प्रशासन ने तोड़फोड़ की रणनीति बनाई। एसडीएम अनिल भाना नगर निगम, पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों व पुलिस बल के साथ बुधवार सुबह 10.30 बजे 5 जेसीबी लेकर पहुंच गए। बस स्टैंड से रेलवे पुलिया से आगे तक 17 निर्माण लोगों ने खुद तोड़ लिए थे। बाकी 53 पर बुधवार सुबह 11 बजे जेसीबी चली, जो शाम 5.30 बजे ही रुकी।

- अधिकारियों ने शुरुआत में साफ कह दिया था कि दो महीने पहले सभी के यहां 52 फीट पर निशान लगा दिए थे लेकिन ने किसी ने वहां तक निर्माण नहीं हटाया। अब नुकसान के लिए सभी तैयार रहें, कार्रवाई से किसी को नहीं बख्शा जाएगा। 10 से 15 फीट तक मकान-दुकान टूटने से बस स्टैंड से लेकर रेलवे पुलिया से आगे तक रोड़ चौड़ा नजर आने लगा।

473 पेड़ भी कटेंगे- इस रोड पर बस स्टैंड से वरोठ माता मंदिर तक दोनों तरफ के 473 पेड़ काटे जाएंगे। एक दुकान नहीं टूटी- प्रशासन ने बस स्टैंड पर एक दुकान नहीं तोड़ी। एसडीएम का कहना है कि इसके दस्तावेज देख रहे हैं और जल्दी ही इसके बारे में कोई ठोस निर्णय लिया जाएगा।

महिलाएं बोलीं- हमारे ऊपर से निकालो जेसीबी

- सुमन पंवार, बेटा अर्जुन, करण, बहू रानी, अजय चत्तर, बेटा ऋषभ मकान-दुकान बचाने जमीन पर लेट गए लेकिन पुलिस ने हटा दिया। अजय की पत्नी सारिका भाई हितेश राणावत के साथ आ गई, सारिका व सुमन ने कहा निर्माण तोड़ने के लिए जेसीबी हमारे ऊपर से निकालो। कोर्ट ने स्टे दे रखा है लेकिन प्रशासन रोजी-रोटी छीन रहा है। डंडे के जोर पर आवाज दबाई जा रही है। महिला पुलिस ने उन्हें हटाने का प्रयास किया तो सारिका ने डंडा छीन लिया। गुस्साई महिला पुलिस ने दोनों को दूर किया तो सारिका बेहोश हो गई। एम्बुलेंस से उन्हें अस्पताल ले गए।

2 जेसीबी से भी नहीं टूटे बुरहानी हॉस्पिटल के पिलर

- बुरहानी हॉस्पिटल के पिलर तोड़ने दो जेसीबी लगी। आधे घंटे में पिलर नहीं टूटे। एसडीएम ने संचालन समिति सदस्य सलीम आरिफ को तोड़ने के लिए एक दिन का अल्टीमेटम दिया।
- जगदीश भवन के मालिक ओमप्रकाश सोनी ने आरोप लगाया कि दो फीट तोड़ना था। प्रशासन ने 10 फीट तोड़ दिया। इसके खिलाफ कोर्ट जाएंगे।
- इस्माइल कादर घड़ीवाला ने एसडीएम से कहा एक फीट कम तोड़ने से मकान बच जाएगा। एसडीएम अनिल भाना ने गुजराती में समझाइश दी।
- पारसमल गोराणा के परिजन ने निवेदन किया तो एसडीएम ने एक दिन की मोहलत दे दी।
- पंवार व चत्तर के यहां कार्रवाई के दौरान बच्चे रोने लगे। उनकी दादी सरस्वतीबाई को परिजन ने हाथ पकड़कर बाहर निकाला।

कोठारी के 80 फीट के समर्थन में आते ही तय हो गया था निर्माण टूटना

- बाजना बस स्टैंड सिटी फोरलेन 80 फीट का ही बनाए जाने को लेकर दायर याचिका तो सत्र न्यायालय में मंगलवार देर शाम खारिज हुई लेकिन 104 फीट के हिसाब से लगे निशान के अनुसार निर्माण तोड़ना पहले ही तय हो गया था।

- सड़क की चौड़ाई को लेकर रहवासी दो धड़ों में बंट गए थे जिससे तीन माह से विवाद की स्थिति बनी हुई थी और काम आगे नहीं बढ़ रहा था। पूर्व गृह मंत्री हिम्मत कोठारी के 80 फीट सड़क बनाने पर अड़े लोगों के समर्थन में आते ही प्रशासन द्वारा पूर्व में लगाए निशान अनुसार निर्माण तोड़ चुके लोग भी सक्रिय हो गए।

- इससे 80 फीट निर्माण की मांग करने वालों के निशाने पर आए राज्य योजना आयोग उपाध्यक्ष व शहर विधायक चेतन्य काश्यप को ऑक्सीजन मिली। माना जा रहा है विधायक ने प्रशासनिक अफसरों से चर्चा कर 104 फीट का फोरलेन निर्माण कराने को लेकर बात की।

- यही वजह है कि जैसे ही मंगलवार को कोर्ट का फैसला आया प्रशासन ने निर्माणों पर बुलडोजर चलाने की रणनीति बना डाली। दो निर्माण को लेकर कलेक्टर कोर्ट में विचाराधीन प्रकरण का फैसला भी बुधवार को आ गया। राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई और न बढ़े व प्रभावित फिर कोर्ट न चले जाएं इसलिए प्रशासन ने बिना देर किए बुधवार सुबह ही चिह्नित निर्माणों पर बुलडोजर चलवा दिए।