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हाईकोर्ट ने पूछा- पुरानी व्यवस्था खत्म तो क्यों हो रहा उससे पोषण आहार वितरण

हाईकोर्ट द्वारा जारी आदेश में संशोधन कराने के लिए सरकार को रिव्यू पिटिशन लगाना भारी पड़ गया।

Bhaskar News | Last Modified - Feb 03, 2018, 06:10 AM IST

  • हाईकोर्ट ने पूछा- पुरानी व्यवस्था खत्म तो क्यों हो रहा उससे पोषण आहार वितरण

    इंदौर.प्रदेश में पोषण आहार व्यवस्था को लेकर हाईकोर्ट द्वारा जारी आदेश में संशोधन कराने के लिए सरकार को रिव्यू पिटिशन लगाना भारी पड़ गया। हाईकोर्ट ने उल्टा महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रमुख सचिव को तलब कर लिया। उन्हें हाजिर होकर बताना होगा कि प्रदेश में पोषण आहार वितरण की पुरानी व्यवस्था क्यों संचालित हो रही, जबकि कोर्ट ने पुरानी व्यवस्था खत्म कर नई व्यवस्था लागू करने के आदेश जारी किए थे।
    जस्टिस सतीशचंद्र शर्मा की बेंच के समक्ष शासन ने एक याचिका पर दिए निर्णय पर फिर से विचार करने के लिए अर्जी दायर की थी। शुक्रवार को सुनवाई में हाईकोर्ट ने शासन से पूछा कि अभी पोषण आहार वितरण किस व्यवस्था से किया जा रहा है।

    - इस पर शासन की ओर से कहा गया- माई लॉर्ड पुराने सिस्टम से ही पोषण आहार दिया जा रहा है। हाई कोर्ट ने फिर प्रश्न किया- जब पुराने सिस्टम को खत्म किया जा चुका है, शासन ने खुद जवाब में कहा था कि वह पुराने सिस्टम को खत्म कर पोषण आहार वितरण की विकेंद्रीकृत व्यवस्था करना चाहता है तो फिर पुराने सिस्टम से वितरण क्यों किया जा रहा?

    - हाई कोर्ट ने तत्काल महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रमुख सचिव जेएस कंसोटिया को तलब करने के आदेश जारी किए। कोर्ट ने अवमानना का नोटिस देते हुए पूछा कि पुराने सिस्टम से ही वितरण कराने पर क्यों न आपके खिलाफ अवमानना का केस चलाया जाए। चार सप्ताह में नोटिस का जवाब देना है।

    किसी-किसी बहाने डेढ़ साल से कंपनियों को ही काम

    - उल्लेखनीय है मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सितंबर 2016 में कंपनियों से पिछले 10 से की जा रही पोषण अाहार व्यवस्था खत्म कर महिला स्वयंसेवी संस्थाओं को यह काम सौंपने की घोषणा की थी। सरकार इस पर फैसला भी कर चुकी है, इसके बावजूद किसी ना किसी बहाने इन्हीं कंपनियों को ही काम दिया जा रहा है।

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