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लड़की पैदा हुई तो चद्दर में ढंक मंदिर के गेट पर छोड़ गई मां, ऐसे हुआ खुलासा

लड़की हुई तो मां ने उसे चद्दर में लपेटा और दूधाखेड़ी माताजी मंदिर के गेट के पास छोड़कर चली गई।

Danik Bhaskar | Feb 13, 2018, 06:26 AM IST
जन्म के बाद बच्ची को मंदिर के गेट पर छोड़ गई थी महिला। जन्म के बाद बच्ची को मंदिर के गेट पर छोड़ गई थी महिला।

रतलाम (इंदौर). लड़की हुई तो मां ने उसे चद्दर में लपेटा और दूधाखेड़ी माताजी मंदिर के गेट के पास छोड़कर चली गई। ग्रामीणों ने बच्ची के रोने की आवाज सुनी तो डायल-100 को बुलाया। लोगों की निशानदेही पर कुछ ही देर में पुलिस ने नवजात की मां को ढूंढ लिया। इधर नवजात को 108 एम्बुलेंस की मदद से मंदसौर रैफर किया। यहां एसएनसीयू में बालिका पूरी तरह से स्वस्थ है।

- आरोपी महिला की पुष्टि नीमच जिले के मांगराेल निवासी के रूप में हुई है। उसका पति कंबल बेचता है और कुछ दिनों से बाहर था। महिला गर्भवती थी और इन दिनों पीहर ग्राम बगुनिया स्थित आल का खेड़ा में रह रही थी। रविवार को दूधाखेड़ी माताजी के मंदिर दर्शन करने पहुंची थी। रात्रि विश्राम के लिए रुकी थी। देररात प्रसव पीड़ा के बाद उसने बालिका को जन्म दिया।

यूं महिला ने कबूली घटना
- साेमवार सुबह मंदिर मेन गेट के पास लोगों ने महिला को बैठे देखा। कुछ दूरी चद्दर में लिपटी बच्ची के रोने की आवाज आई।

- पुलिस ने महिला से सख्ती से पूछताछ की तो उसने घटना कबूली। बताया उसके 7 साल का बेटा है।

- 2 बालिकाओं की मौत हो चुकी है और चौथी संतान फिर लड़की हुई। बच्ची को ना अपनाने का कारण नहीं बताया।

परिजन से करेंगे पूछताछ
- भानपुरा टीआई गोपालसिंह चौहान ने बताया महिला पर आपराधिक प्रकरण दर्ज किया है। कारणों को लेकर परिजन से पूछताछ करेंगे। एसएनसीयू, प्रभारी जिला अस्पताल डॉ. प्रकाश कारपेंटर भानपुरा से रैफर नवजात पूरी तरह स्वस्थ है और उसका वजन 2 किलो 680 ग्राम है जो कि सामान्य है। उसकी हालत में अब सुधार है।

ढाई साल में 5वां मामला
- 19 मई 2015 को मानपुरा में रोड किनारे नवजात बालिका मिली थी।
- 3 सितंबर 2015 को पिपलिया जागीर में खेत किनारे नवजात बालिका मिली।
- 9 जनवरी 2017 को बाबुल्दा-पिरोनिया मार्ग पर गड्‌ढे में ग्रामीणों ने नवजात को देखा।
- 12 जुलाई 2017 को धंधोड़ा-भावगढ़ रोड पर बालक लावारिस हालत में मिला था। 4 माह इलाज के बाद बालक पूरी तरह स्वस्थ हुआ।