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देश-विदेश में नाम से बिकता ये साड़ी ब्रांड, हवा के असर से होता रंगों में जादुई बदलाव

यूं तो अक्सर हमने गिरगिट को रंग बदलते देखा है लेकिन असलियत में हवा के साथ धागे का भी रंग बदलता है।

Dainik Bhaskar

Mar 02, 2018, 03:10 AM IST
सबसे पहले रंग में धागा डाला जाता है। सबसे पहले रंग में धागा डाला जाता है।

महेश्वर(इंदौर). यूं तो अक्सर हमने गिरगिट को रंग बदलते देखा है लेकिन असलियत में हवा के साथ धागे का भी रंग बदलता है। देवी अहिल्याबाई होल्कर में पिछले 250 साल पहले शुरू किए गए महेश्वरी साड़ी का बिजनेस काफी फल फूल रहा है। यहां पहले कुछ बुनकर महेश्वरी साड़ी बनाते थे। अब नगर में 5000 से अधिक बुनकर हैं, जो हाथकरघा हैंडलूम से महेश्वरी साड़ी बनाते हैं। इसी सिलसिले में महेश्वरी साड़ी में लगने वाले कॉटन और सिल्क धागे पर अनेक प्रकार के रंगों से कलर कर साड़ी बनाई जाती है। इसी तरह बनाते हैं 250 से ज्यादा कलर की साड़ियां...

- धागे की रंगाई करने वाले मास्टर रमेश केवट ने बताया कि काटन और सिल्क दो प्रकार का धागा महेश्वरी साड़ी में उपयोग किया जाता है।

- विशेष रूप से लगभग सवा 2 किलो धागे में शेड के लिए 5 ग्राम से लेकर 200 ग्राम तक पक्के वेट रंग का उपयोग किया जाता है। 250 से ज्यादा रंगों में ऐसे ही साड़ी तैयार होती है।

हाइड्रो सोडा, कास्टिक सोडा की रंग व ऑक्सीजन का रिएक्शन

- रमेश के मुताबिक रंग बदलने का कारण ये है कि हाइड्रो सोडा, कास्टिक सोडा रंग मिलाने के बाद जब ऑक्सीजन के कॉनटेक्ट में आता है तो रिएक्ट करता है। जिससे उसके रंग में केमिकल चेंज होता है। इसलिए किस रंग का कपड़ा बनाना है ये बेहद तजुर्बे का काम है।

चेतावनी..

घर पर पानी, हाइड्रोसोडा, कास्टिक सोडा और रंगों को उबालकर ऐसा न करें। ये हानिकारक हो सकता है। महेश्वर में रंगाई पेशेवर और एक्सपीरियंस कारीगर करते हैं।

पीले रंग के टब में डुबाेने के बाद धागे को बार-बार बाहर निकाला जाता है। पीले रंग के टब में डुबाेने के बाद धागे को बार-बार बाहर निकाला जाता है।
धीरे-धीरे हवा के संपर्क से पीला रंग, लाल रंग में तब्दील होने लगता है। धीरे-धीरे हवा के संपर्क से पीला रंग, लाल रंग में तब्दील होने लगता है।
करीब आधे घंटे तक हवा में सूखने पर धागे का रंग पूरी तरह बदल जाता है। करीब आधे घंटे तक हवा में सूखने पर धागे का रंग पूरी तरह बदल जाता है।
आखिर में इस तरह तैयार होती है साड़ी। आखिर में इस तरह तैयार होती है साड़ी।
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सबसे पहले रंग में धागा डाला जाता है।सबसे पहले रंग में धागा डाला जाता है।
पीले रंग के टब में डुबाेने के बाद धागे को बार-बार बाहर निकाला जाता है।पीले रंग के टब में डुबाेने के बाद धागे को बार-बार बाहर निकाला जाता है।
धीरे-धीरे हवा के संपर्क से पीला रंग, लाल रंग में तब्दील होने लगता है।धीरे-धीरे हवा के संपर्क से पीला रंग, लाल रंग में तब्दील होने लगता है।
करीब आधे घंटे तक हवा में सूखने पर धागे का रंग पूरी तरह बदल जाता है।करीब आधे घंटे तक हवा में सूखने पर धागे का रंग पूरी तरह बदल जाता है।
आखिर में इस तरह तैयार होती है साड़ी।आखिर में इस तरह तैयार होती है साड़ी।
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