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एकजुट हुए प्राइवेट स्कूल, प्रिंसिपल पर लगी धाराएं नहीं हटाईं तो बंद कर देंगे बसें

डीपीएस के प्रिंसिपल सुदर्शन सोनार की गिरफ्तारी के विरोध में इंदौर के प्राइवेट स्कूलों के प्रिंसिपल एकजुट हो गए हैं।

Danik Bhaskar | Feb 14, 2018, 05:50 AM IST

इंदौर. डीपीएस बस हादसे में लापरवाही के लिए दोषी करार दिए गए स्कूल के प्राचार्य सुदर्शन सोनार ने जेल में पहली रात डिप्रेशन में गुजारी। उन्होंने खाना भी ठीक से नहीं खाया और रातभर जागते रहे। कोर्ट से जमानत अर्जी खारिज होने के बाद सोमवार रात 8 बजे वे जेल के भीतर दाखिल हुए थे। जेल अधीक्षक भूपेंद्र सिंह रघुवंशी के मुताबिक दिनभर के घटनाक्रम, अपने बच्चों की कोर्ट में मौजूदगी और बदनामी का डर जेहन में बस गया था। रात 10 बजे तक ही उनके लिए अंदर रहना मुश्किल था। उन्हें नए कैदियों के साथ बैरक नंबर 1 में रखा गया। जेलकर्मियों को वे भारी डिप्रेशन में नजर आए। शुगर लेवल भी बढ़ गया था। उन्होंने निवेदन किया तो उन्हें दवाएं उपलब्ध करवाई गई। इस बीच उन्हें किसी ने बताया कि बाहर कई स्कूलों के प्राचार्य जमा हैं, आपकी गिरफ्तारी का विरोध कर रहे हैं ताे उन्हें राहत मिली। मंगलवार दोपहर पत्नी उनसे मिलने पहुंचीं। तब से वे नाॅर्मल रहे।

प्राचार्य बोले: अगर शिक्षक गिरफ्तार होते रहे तो कौन आएगा इस पेशे में

सौ से ज्यादा प्राचार्यों ने बैठक की
- सोनार की गिरफ्तारी से गुस्साए निजी स्कूलों के सौ से ज्यादा प्राचार्य मंगलवार को सन्मति स्कूल में एकत्रित हुए। सभी ने निर्णय लिया कि सोनार पर लगाई धाराओं को हटाया जाए। सात दिन में मांगें नहीं मानी तो स्कूलों से संचालित बसों को बंद कर दिया जाएगा।

आरटीओ-एनएचएआई अफसर दोषी, उन्हें गिरफ्तार करेंं : डीपीएस स्टाफ
- डीपीएस के शिक्षक व स्टाफ दोपहर में कलेक्टर से मिलने पहुंचे। सभी ने कहा- मजिस्ट्रियल जांच में परिवहन निरीक्षक, एनएचएआई अफसर भी दोषी हैं। उन पर तो कार्रवाई नहीं हुई। हम सभी शिक्षक हैं। ऐसी गिरफ्तारी जैसी कार्रवाई होने लगी तो इस पेशे में कौन आना चाहेगा? इस पर कलेक्टर ने कहा शिक्षकों का सम्मान है और हम किसी शैक्षणिक संस्थान को गलत नजरिए से नहीं देखते। प्रिंसिपल एक प्रशासनिक पद है और पुलिस द्वारा उनकी जिम्मेदारी तय की गई, जिसके आधार पर कार्रवाई की गई है।

प्राचार्यों ने सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी दी
- सहोदय ग्रुप और डीपीएस के शिक्षक डीआईजी से भी मिले। ग्रुप के सेक्रेटरी मोहित यादव उनसे बोले- प्राचार्य का काम एकेडमिक होता है। ऐसे केस में प्रिंसिपल को सीधे जेल भेजा जाएगा तो हम सब भी इस्तीफा दे देंगे। ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट हमारे अंडर में होता है, लेकिन जवाबदेही ट्रांसपोर्ट इंचार्ज की होती है। ग्रुप की चेयरपर्सन अर्चना यादव ने कहा कि सोनार क्रिमिनल नहीं हैं। बसों की फिटनेस देखना उनका काम नहीं है। डीआईजी ने कहा कि पुलिस की कार्रवाई नियमानुसार है।

जांच में स्कूल दोषी, पुलिस ने पूछा- व्यक्ति कौन, जवाब मिला- खुद तय करें; तीन दिन चली गोपनीय बैठक में फैसला
- हादसे के 38 दिन बाद अचानक हुई सोनार की गिरफ्तारी के पीछे गोलमाेल जांच रिपोर्ट और टालमटोल की बात सामने आई है। मजिस्ट्रियल जांच में स्कूल प्रबंधन कोे दोषी करार दे दिया तो पुलिस ने प्रशासन से पूछा कि स्कूल प्रबंधन में हम दोषी किसे मानें। इस पर जवाब मिला कि ये आप ही तय करें। इसके बाद पुलिस अधिकारियों की तीन दिन गोपनीय बैठक चली और अंतत: तय हुआ कि ‘स्कूल प्रबंधन’ के आधार पर प्रिंसिपल सोनार को आरोपी बनाकर उन्हें गिरफ्तार किया जाए।


कलेक्टर-डीआईजी में चर्चा... फिर गिरफ्तारी
सोनार को पता नहीं था कि पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज देगी। परिजन का आक्रोश देख कलेक्टर ने डीआईजी से चर्चा के बाद सोनार को भी आरोपी बनाए जाने की हरी झंडी दी तो विजय नगर सीएसपी के एक बुलावे पर थाने आ गए। पुलिस ने भरोसा दिया कि जमानत हो जाएगी। हालांकि पुलिस ने इस केस में लगी गंभीर धाराओं के साथ ही एक डायरी पर सोनार को भी आरोपी बनाकर कोर्ट में पेश किया तो जज ने उन्हें जेल भेज दिया।

इधर, परिजन बोले-दूसरों का भविष्य सुधरे इसलिए चाहते हैं कार्रवाई
- स्कूल प्रबंधन का मुख्य व्यक्ति प्रिंसिपल है, इसीलिए उन पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
प्रशांत अग्रवाल, कृति के पिता
- स्कूल प्रबंधन पर भी कार्रवाई हो। बड़ी गलती आरटीओ के अफसरों की है। प्रिंसिपल तो मैनेजमेंट की कठपुतली है।
बीएल पंड्या, स्वस्तिक के पिता
अभी नहीं के बराबर कार्रवाई हुई है। हम दोषियों पर कार्रवाई इसलिए चाहते हैं ताकि दूसरों का भविष्य सुधर जाए। स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सारे सबूत स्कूल में ही हैं।
- घनश्याम लुधियानी, श्रुति के पिता