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फारुख भाई 15 वर्षों से सजा रहे हैं होली

News - नगर में लगभग सभी त्योहार सांप्रदायिक सौहार्द के साथ मनाए जाते हैं। जब ईनाणी चौराहे पर होलिका दहन की बात आती है तो...

Dainik Bhaskar

Mar 02, 2018, 02:10 AM IST
फारुख भाई 15 वर्षों से सजा रहे हैं होली
नगर में लगभग सभी त्योहार सांप्रदायिक सौहार्द के साथ मनाए जाते हैं। जब ईनाणी चौराहे पर होलिका दहन की बात आती है तो सभी को जाना-पहचाना चेहरा फारूखभाई फूलवाले का नाम याद आ जाता है। वे पिछले कई वर्षों से ईनाणी चौराहे की होलिका दहन की व्यवस्थाओं का जिम्मा उठाए हुए हैं। फारूख भाई ईनाणी चौराहे पर ही फूल और पान की छोटी दुकान संचालित करते हैं और बस के कंडक्टर भी रहे हैं।

होलिका दहन से वे वैसे तो कई वर्ष से जुडे हुए थे। लेकिन लगभग 15 वर्ष पहले होलिका दहन की व्यवस्थाओं में कमी आने के बाद उन्होंने दहन की व्यवस्थाओं का जिम्मा उठा लिया। जिसके लिए वे स्थानीय दुकानदारों से सहयोग भी लेते हैं। महिलाओं द्वारा होलिका पूजन की व्यवस्था भी विशेष रूप से करते है। होली के दिन वे दहन के बाद ही अपने घर जाते हैं। फारुख भाई का कहना है त्यौहार भाई-चारे का है। रंगों से मन की कड़वाहट दूर होती है। इसलिए ही त्यौहार मनाता हूं और व्यवस्था करता हूं। हिंदू धर्मावलंबियों की श्रद्धा का भी ध्यान रखता हूं।

मुस्लिम ने की थी भगवान शिव की प्रतिष्ठा

इस क्रम में नगर का सयैद परिवार भी अपने सांप्रदायिक सौहार्द के लिए पहचाना जाता है। जिसके सदस्य वनरक्षक कासम अली ने बागली-पुंजापुरा मार्ग पर स्थित बरझाई वन नाके पर पदस्थ रहते हुए वर्ष 2004 मंदिर निर्माण करवाकर जलेश्वर महादेव की प्रतिष्ठा करवाई थी। वे श्रावण और महाशिवरात्रि पर विशेष आयोजन भी करते हैं। अली बताते हैं कि उन्हें चौकी के आसपास नागदेवता के दर्शन होते थे। जिसकी चर्चा उन्होंने राजस्थान के पाली जिले के निवासी और रेणुकामाता मंदिर के महंत ब्रह्मलीन अन्नादासजी महाराज से की। उन्होंने एक ओटला बनाकर धाराजी का शिवलिंग स्थापित करने की सलाह दी। लेकिन कार्य प्रारंभ करते ही आध्यात्मिक एहसास हुआ और मंदिर का निर्माण हो गया।

महिलाओं द्वारा होलिका पूजन की व्यवस्था भी विशेष रूप से करते है

बागली। इंद्राणी चौक में होली में कंडे जमाते हुए फारुख भाई फूल वाले।

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फारुख भाई 15 वर्षों से सजा रहे हैं होली
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