• Home
  • Madhya Pradesh News
  • Indore News
  • News
  • कहीं घूमेंगे गल महाराज तो कहीं आग पर नंगे पैर चलेंगी क्षेत्र की महिलाएं
--Advertisement--

कहीं घूमेंगे गल महाराज तो कहीं आग पर नंगे पैर चलेंगी क्षेत्र की महिलाएं

धुलेंंडी की रात से ही देवास जिले में जलेबी जत्राओं का सिलसिला प्रारंभ होगा। वर्षों से चली आ रही जत्राओं की परंपरा...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 04:20 AM IST
धुलेंंडी की रात से ही देवास जिले में जलेबी जत्राओं का सिलसिला प्रारंभ होगा। वर्षों से चली आ रही जत्राओं की परंपरा क्षेत्र में आज भी जिंदा है। लगने वाली इन जत्राओं में जन सैलाब उमड़ता है। चापड़ा में 142 वर्षों से जत्रा लगती आ रही है। इस दिन शाम को मकुंदगढ़ से मकुंद नाल को गल महाराज की सवारी आती है। उन्हें जत्रा मैदान पर स्थित 21 फिट ऊंचे मचान बांध कर घुमाया जाएगा।

इन स्थानों पर लगेगी जत्रा : जलेबी जत्राओं की शुरुआत क्षेत्र में धुलेंडी के दिन 2 मार्च को मातमौर से होगी। एक दिनी इस जत्रा में 10 से अधिक गांव के लोग शामिल हाेंगे। मातमौर के बाद 3 व 4 मार्च को दो दिनी जलेबी जत्रा चापड़ा में लगेगी जिसमें 20 से 25 गांव के लोग गल महाराज के दर्शन कर जलेबी का लुप्त उठाएंगे। 4 से 5 मार्च की शाम तक दो दिन की जत्रा बरखेड़ा सोमा में लगेगी। 6- 7 व 8 मार्च को देवगढ़, 8 मार्च की शाम से नेवरी में लगेगी सात दिनी जत्रा लगेगी। यहां 25-30 गांव के लोग होंगे शामिल होंगे। इसके बाद चुरलाय में पांच दिनी जत्रा का आयोजन होगा।



चापड़ा। चापड़ा में जतरा लगने पहले ही लगने लगे झूले।

महिलाएं पीने के पानी के लिए खरीदती हैं मटके

जलेबी जत्रा में गल महाराज के घूमते ही जलेबी खाने व खिलाने का दौर प्रारंभ हो जाता है, जो देर रात्रि तक जारी रहता है। इन जत्राओं में महिलाएं पीने के पानी के लिए मिट्टी के मटके भी अनिवार्य रूप से खरीदती हैं। महिलाओं का मानना है जत्रा से खरीदे गए मटकों में पानी ठंडा रहता है।