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गर्मी में जब बोरिंग-तालाब सूख जाते हैं, तब भी बहता रहता है मंदिर का झरना

यहां से करीब 135 किमी दूर पुनासा के घने जंगलों में बसा प्राचीन कनेरीधाम जयंती माता का मंदिर दूर-दूर से आने वाले...

Dainik Bhaskar

Apr 02, 2018, 02:55 AM IST
गर्मी में जब बोरिंग-तालाब सूख जाते हैं, तब भी बहता रहता है मंदिर का झरना
यहां से करीब 135 किमी दूर पुनासा के घने जंगलों में बसा प्राचीन कनेरीधाम जयंती माता का मंदिर दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। यहां बहने वाला झरना प्रकृति का अनोखा उपहार है, क्योंकि अप्रैल-मई की गर्मी में जब नदी-तालाब-बोरिंग सब सूख जाते हैं, यह झरना कल-कल बहता रहता है। इसका पानी ठंडा और साफ है। यहां जाने के लिए जंगल पार करना होता है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए अब यहां मार्ग बनाने की तैयारी है। साथ ही इसे के पर्यटन नक्शे पर लाने के लिए जिला प्रशासन और वन विभाग ने खंडवा टूरिज्म प्लान बनाया है।

झरने के बीच से होकर पहुंचते हैं मंदिर में

यहीं भैरव नाथ मंदिर में जाने के लिए झरने के बीच से गुजरना पड़ता है, क्योंकि झरने का पानी गुफा के द्वार पर गिरता है। माना जाता है भैरवनाथ के दर्शन करने जो भी जाता है झरने के वजह से शुद्ध होकर जाता है।

पर्यटन स्थल बनने से स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा

पूर्व कलेक्टर नीरज दुबे ने इसे टूरिज्म प्लान बनवाने का प्रयास किया था। इसका उद्देश्य स्थानीय लोगों को पर्यटन से रोजगार उपलब्ध कराना था। करीब 3 साल बाद डीएफओ एसके सिंह इसे तैयार कर रहे हैं। प्रशासन पहुंच मार्ग बनाने की योजना भी बना रहा है। इसके लिए स्थानीय अधिकारियों की कमेटी बनेगी जो इन कार्यों का संचालन करेगी।

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