इंदौर

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 03, 2018, 02:05 AM IST

इंदौर
इंदौर डीबी स्टार

परिवहन विभाग के इंदौर कार्यालय से उज्जैन रूट पर 120 और देवास रूट पर 80 बसों को परमिट दिए गए हैं। करीब साढ़े छह हजार यात्री रोज इन बसों में सफर करते हैं। यात्रियों से किराया वसूला जाता है, लेकिन बस ऑपरेटर उन्हें बगैर टिकट ही यात्रा कराते हैं।

मार्केटिंग जॉब करने वाले हरिओम प्रजापति रोज इंदौर-उज्जैन आते-जाते हैं। हर दिन बस ऑपरेटर को 110 रुपए किराया चुकाते हैं। कंपनी से किराए की राशि वापस लेने के लिए उन्हें यात्रा का टिकट देना जरूरी है, लेकिन बस कंडक्टर टिकट नहीं देता है। दो-तीन बार उन्होंने टिकट मांगा तो कंडक्टर ने उन्हें धमकाकर कहा, इन बसों में टिकट नहीं मिलता है। मल्टीनेशनल दवा कंपनी में एमआर राजेश पाठक भी रोज अलग-अलग बसों से उज्जैन और देवास का सफर करते हैं। इन्हें भी कंपनी से यह किराया क्लेम करने के लिए टिकट लगाना जरूरी है लेकिन टिकट नहीं होने ये किराया क्लेम नहीं कर पाते। 31 जनवरी को इसी बात पर कंडक्टर ने विवाद कर उन्हें थप्पड़ मार दिया।

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Web Title: इंदौर
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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