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आईआईए की हिदायत पर भी मप्र में नहीं चलाया गया कोई अिभयान

इंदौर/भोपाल

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 02:05 AM IST
इंदौर/भोपाल
इंडियन इंटेलीजेंसी एजेंसी (आईआईए) ने एक सर्वे में पाया कि 42 मोबाइल एप्लीकेशन ऐसे हैं, जो गुपचुप आपकी जानकारियां चुराकर बाहर भेज रहे हैं। यह भारत के खिलाफ सायबर अटैक की तरह है।

आम जनता को इन एप की जानकारी देने के लिए सभी 42 एप की सूची दिसंबर 2017 में जारी की गई थी। भारत सरकार ने एक परिपत्र जारी कर राज्यों को हिदायत दी थी कि वे आम जनता को इन एप के बारे में जागरूक बनाएं। लगभग ढाई महीने बीत जाने के बाद भी भोपाल समेत पूरे मप्र में ऐसा कोई अभियान या कार्यक्रम शुरू नहीं किया गया। डीबी स्टार के पास इन एप की सूची मौजूद है। पड़ताल में पाया कि इन 42 में से आठ एप ऐसे हैं, जिनका लगभग हर मोबाइल यूजर्स इस्तेमाल करते हैं। ये एप डाउन लोड करने के पूर्व आपसे आपका डाटा शेयर करने की इजाजत मांगते हैं और आप अंजाने में ही यस कर देते हैं। आईआईए की तरफ से जारी सर्कुलर में इन एप्लीकेशन को माल-वेयर और स्पेवेयर के बराबर बताया है। इंडियन आर्मी को तो इन एप्लीकेशन पर तत्काल रोक लगाने के लिए कहा गया है। केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों को भी कहा है कि वे अपने यहां एप्स रोके, क्योंकि इसके जरिए डाटा चोरी होने का खतरा है। मसलन यदि मप्र सरकार के ईमेल का इस्तेमाल मोबाइल से हो रहा है और उसमें इन 42 में से कोई भी एप्लीकेशन इंस्टॉल है तो डाटा आसानी से चोरी हो जाएगा।

जागरुकता अभियान चलाएंगे

 ऐसे किसी सर्कुलर की जानकारी तो मुझे नहीं है, लेकिन मैं पता करवाता हूं और यदि यह सच है तो हम जागरूकता अभियान चलाएंगे। ताकि लोग समझ सकें कि कौन से एप्लीकेशन उनके लिए जरूरी हैं और कौन से गैर जरूरी? भूपेंद्र सिंह, गृहमंत्री, मप्र शासन

तीन माह पहले सूची जारी

 आईआईए ने यह सूची तीन महीने पहले जारी की थी और यह सही भी है। सायबर हमले से निपटने का एकमात्र तरीका जागरूकता ही है। दिक्कत यह है कि एंड्राइड हमारे यहां से ऑपरेट नहीं होता है, इसलिए इस पर हमारा कंट्रोल भी नहीं है। दूसरी बात भारत सरकार के सामने भी ऐसी कोई बड़ी घटना सामने नहीं आई, जिससे कि इन एप के जरिए कोई गड़बड़ी हुई हो। ऐसे में इन्हें सीधे बैन करना तो मुश्किल है, लेकिन इंस्टॉल न करके ही आप इन्हें रोक सकते हैं। यह भारत की सुरक्षा में हमारा और आपका सहयोग होगा। हेमराज सिंह चौहान, सायबर एक्सपर्ट