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इंदौर के राजा ने मुगल बादशाहों से करवाया था व्यापार को करमुक्त

आतिशबाजी के साथ हुआ इंदौर स्थापना दिवस महोत्सव का आगाज मुख्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन के साथ की स्थापना दिवस...

Danik Bhaskar | Mar 04, 2018, 02:35 AM IST
आतिशबाजी के साथ हुआ इंदौर स्थापना दिवस महोत्सव का आगाज

मुख्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन के साथ की स्थापना दिवस की शुरुआत।

भास्कर संवाददाता.इंदौर

राव राजा नंदलाल मंडलोई द्वारा किए गए विकास कार्यों को शहर कभी नहीं भुला सकता। उनके जैसी नेतृत्व क्षमता और दूरदृष्टि किसी शासक के पास नहीं है। इंदौर की स्थापना में उनके योगदान के लिए यह शहर और यहां की जनता सदैव उनकी ऋणी रहेगी।

उक्त विचार देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. नरेंद्र कुमार धाकड़ व राष्ट्रकवि पं. सत्यनारायण सत्तन ने व्यक्त किए। वे शनिवार को इंदौर स्थापना दिवस समारोह अवसर पर बोल रहे थे। इसमें शिक्षा, चिकित्सा, राजनीति, संस्कृति व खेल जगत से जुड़े मेधावी छात्र-छात्राओं का सम्मान भी किया गया। श्री इंदौर स्थापना दिवस समारोह समिति के राव श्रीकांत मंडलोई जमींदार व माधवी मंडलोई ने बताया शुभारंभ अर्चना पुराणिक द्वारा गणेश वंदना व मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन से किया गया। अतिथियों ने कहा राव राजा नंदलाल मंडलोई ने इंदौर शहर की नींव रखते हुए सर्वप्रथम मुगल बादशाहों से यहां की जनता के लिए करमुक्त व्यापार करवाया था। उन्होंने अपने नाम से एक नए करमुक्त क्षेत्र नंदलालपुरा की नींव डाली, जिसे आज नंदलालपुरा के नाम से जाना जाता है।

9 लाख पेड़ लगाकर दिया नौलखा- इंदौर शहर के विकास और हरियाली के लिए राव राजा नंदलाल मंडलोई ने 9 लाख आम के पेड़ लगाने का संकल्प लिया था। उन्हीं के शासन काल में चंपाबाग, कुंजवन, चांदनीवाला बाग, केक्ड़ीवाला बाग, गुलर बाग, प्रेम बाग, शंकर बाग, अनारबाग व नौलखा बाग का निर्माण कराया गया था। संचालन सुषमा दुबे ने किया।