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हाई कोर्ट आदेश का देरी से पालन, पीएचई के प्रमुख सचिव पर 50 हजार कॉस्ट

हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) के एक कर्मचारी को पेंशन देने के आदेश का देरी से...

Danik Bhaskar | Mar 04, 2018, 02:40 AM IST
हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) के एक कर्मचारी को पेंशन देने के आदेश का देरी से पालन करने पर सख्ती दिखाई है। हाई कोर्ट ने विभाग के प्रमुख सचिव प्रमोद अग्रवाल पर 50 हजार रुपए की कॉस्ट लगाई है। कर्मचारी को हाई कोर्ट के आदेश पर पहले पेंशन शुरू की गई, फिर कुछ कारणों से वापस ले ली गई। कर्मचारी ने अवमानना लगाई तो फिर पेंशन शुरू कर दी। हाई कोर्ट ने पीएस को नोटिस जारी कर कारण भी पूछा, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं दिया तो कॉस्ट लगाई।

अवमानना याचिका लगाई तो विभाग ने पेंशन देना शुरू कर दी

जस्टिस जेके माहेश्वरी की खंडपीठ ने पीएचई के कर्मचारी इंदू सिंह के आवेदन पर उक्त आदेश दिए हैं। इंदू सिंह 2012 के पहले रिटायर्ड हो गए थे। वर्क चार्ज कर्मचारी के तौर पर उन्होंने सेवाएं दी थी। पेंशन नहीं मिलने पर उन्होंने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। हाई कोर्ट आदेश का पालन नहीं होने पर अवमानना लगाई तो शासन ने पेंशन शुरू कर दी। इसके बाद 2014 में पेंशन फिर बंद कर दी। कारण भी नहीं बताया गया। इंदू सिंह ने फिर हाई कोर्ट का रुख किया तो विभाग ने पेंशन देना प्रारंभ कर दी। हाई कोर्ट ने इस तरह आदेश का पालन देरी से करने पर एतराज जताया।