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समर शेड्यूल में उड़ानें बढ़ने से प्रैक्टिस प्रभावित होगी, इसलिए इंदौर में बंद होगा एमपी फ्लाइंग क्लब

एमपी फ्लाइंग क्लब इंदौर से अगस्त में बंद किए जाने की तैयारी है। क्लब इंदौर के बजाय भोपाल से संचालित किया जाएगा।...

Danik Bhaskar | Mar 04, 2018, 02:40 AM IST
एमपी फ्लाइंग क्लब इंदौर से अगस्त में बंद किए जाने की तैयारी है। क्लब इंदौर के बजाय भोपाल से संचालित किया जाएगा। क्लब का भोपाल में पहले से सेंटर है। इंदौर में सिर्फ बेस रखा जाएगा। ऐसा इंदौर में 26 मार्च से लागू होने वाले समर शेड्यूल में बढ़ने वाली उड़ानों को देखते हुए किया जा रहा है, क्योंकि उड़ानों के बढ़ने से फ्लाइंग क्लब के विमानों को प्रशिक्षण के लिए ज्यादा समय नहीं मिल पाएगा।

खासियत : 90 पायलट ले रहे हैं प्रशिक्षण

क्लब में कमर्शियल पायलट ट्रेनिंग कोर्स करवाया जाता है। क्लब के दोनों सेंटर्स (इंदौर व भोपाल) पर अभी करीब 90 प्रशिक्षु पायलट प्रशिक्षण ले रहे हैं। यहां से तैयार पायलट कई भारतीय और अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस में सेवाएं दे रहे हैं।

बड़ी उपलब्धि : युद्ध के लिए पायलट तैयार कर चुका है क्लब

एयरपोर्ट पर स्थित एमपी फ्लाइंग क्लब का ऑफिस।

इसलिए होगा बंद : क्योंकि नहीं मिलेगा उड़ान भरने का समय

क्लब के चीफ फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर मंदार महाजन ने बताया समर शेड्यूल में इंदौर से 60 नई उड़ानें प्रस्तावित हैं। इसके बाद कुल उड़ानों की संख्या 100 से ज्यादा हो जाएगी और औसत हर 10 मिनट में एक विमान आएगा या जाएगा। यात्री उड़ानों की इतनी अधिकता के कारण फ्लाइंग क्लब के विमानों को प्रशिक्षण के लिए उड़ान भरने का समय नहीं मिल पाएगा। इसे देखते हुए क्लब को यहां से शिफ्ट कर पूरी तरह से भोपाल से चलाए जाने की योजना है। अगस्त तक इंदौर सेंटर को शिफ्ट कर दिया जाएगा। यहां सिर्फ बेस रखा जाएगा, लेकिन प्रशिक्षण सहित सभी अन्य गतिविधियां भोपाल सेंटर से ही संचालित होंगी।


क्लब की शुरुआत 9 अक्टूबर 1951 में हुई थी। 1955 से इसके ऑपरेशन शुरू हुए थे। 1958 में क्लब ने भोपाल सेंटर की शुरुआत की थी। 1958 से 1982 के बीच क्लब ने ही प्रदेश सरकार के विमानों का संचालन और मेंटेनेंस देखा। 1962 के युद्ध में क्लब ने इंडियन एयरफोर्स के पायलट्स को प्रारंभिक प्रशिक्षण दिया था। 1971 के युद्ध के दौरान एयरफोर्स के विमानों के मेंटेनेंस में भी सहायता की।