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बाहरी क्षेत्रों में हर 10 मिनट में बस

बांगड़दा, नायता मुंडला, बिचौली और कैेट जैसे शहर के बाहरी इलाकों के बाशिंदों को अब आवाजाही में परेशानी नहीं उठाना...

Danik Bhaskar | Mar 04, 2018, 02:45 AM IST
बांगड़दा, नायता मुंडला, बिचौली और कैेट जैसे शहर के बाहरी इलाकों के बाशिंदों को अब आवाजाही में परेशानी नहीं उठाना पड़ेगी। अप्रैल से 22 नए रूटों पर 150 बसें चलेंगी। यात्रियों को हर 10 मिनट में सिटी बस की सुुविधा मिलेगी।

डीबी स्टार. इंदौर

अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड (एआईसीटीएसएल) अप्रैल से शहर के दुरुस्त इलाकों को रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड सहित प्रमुख मार्गों से जोड़ने जा रहा है।

बाहरी इलाकों में पब्लिक ट्रांसपोर्ट के साधन नहीं होने से रहवासियों को आवाजाही में रोजना परेशानी का सामना करना पड़ता है। राजबाड़ा से बिचौली हप्सी, गंगवाल से बिचौली मर्दाना, कबीट खेड़ी से रेलवे स्टेशन, निरंजनपुर से गंगवाल, बड़ा बागंड़दा से राजबाड़ा, राजबाड़ा से नायता मुंडला, महक वाटिका से राजबाड़ा, राजबाड़ा से रंगवासा, आईआईटी सिमरोल से स्टेशन, देवास नाका से बस स्टैंड, सिलीकॉनसिटी से गोपुर, तीन इमली से राजेंद्र नगर, सरवटे से नायता मुंडला, इस्कॉन टेम्पल से बड़ा गणपति सहित 22 रूटों पर सिटी बसें चलाई जाएंगी।

यहां है ज्यादा परेशानी

आईटीआई-सिमरोल, कैट रोड, राऊ, रंगवासा, सिलीकॉन सिटी, नायता मूंडला, तीन इमली, पालदा, बांगड़दा, गांधी नगर, देवास नाका, इस्कॉन टेंपल, सिरपुर, बिचौली मर्दाना, बिचौली हप्सी, पीपल्याहाना, इलेक्ट्रॉनिक कॉम्प्लेक्स और केशरबाग रोड सहित अन्य क्षेत्रों के लोगों ने बताया कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट के अभाव में परेशानी उठाना पड़ती है।

एआईसीटीएसएल अप्रैल से 22 नए रूटों पर चलाएगा 150 सिटी बसें

दूरस्थ शहरों के लिए भी चलेगी चार्टर्ड बसें

अप-डाउन भी होगा सुलभ

खुड़ैल, चापड़ा, बड़नगर, गौतमपुरा, सनावद, देवास, आष्टा, सोनकच्छ, कन्नौद, हरदा, टिमरनी, लेबड़, घाटाबिल्लौद, शाजापुर, पचौर, उज्जैन, बड़वाह, उन्हेल, नागदा, आगर, सोयतकलां, जावरा, इंडोरमा, पीथमपुर, सांवेर और महेश्वर जैसे समीपस्थ नगरों के लिए बसें चलेंगी जिससे अप-डाउन वाले परेशान नहीं होंगे।

शहडोल, विदिशा, सागर, टीकमगढ़, इटारसी, बैतूल, अशोक नगर, खजुराहो, सतना, जबलपुर, बालाघाट नरसिंहपुर जैसे शहरों के लिए 110 चार्टर्ड बसें चलेंगी। इन इलाकों से आने वाले नौकरीपेशा व विद्यार्थियों को बसों की सुविधा मिलेगी।

वाहनों की कमी

इंदौर में रोज पांच लाख लोग पब्लिक ट्रांसपोर्ट में सफर करते हैं। शहर में करीब 8 हजार मैजिक-वैन हैं। 12 हजार ऑटो रिक्शा हैं। साथ ही एआईसीटीएसएल की 190 बसें भी चलती हैं। इन बसों में करीब डेढ़ लाख लोग सफर करते हैं। सुबह-शाम भीड़ अधिक होने से यात्रियों को ठूंस-ठूसकर बैठाया जाता है।

क्या कहते हैं रहवासी

दो किमी पैदल चलने को मजबूर


पब्लिक ट्रांसपोर्ट के साधन नहीं होने से मुख्य मार्ग तक आने के लिए हमें दो किमी पैदल चलना पड़ता है। यहां ऑटो रिक्शा भी नहीं मिलते हैं। करीब 5 हजार लोग रोज परेशान होते हैं। यहां सिटी बसें चलाई जाना चाहिए।

रात में कोई साधन नहीं मिलता


सिटी बस, मैजिक और वैन के अभाव में लोग परेशान होते हैं। दिन में तो जैसे-तैसे लिफ्ट लेकर काम चला लेते हैं लेकिन रात के समय कोई साधन नहीं मिलता है।

शहर से कट जाती हंै कॉलोनियां


उज्जैन रोड से लगी इंटीरियर कॉलोनियों के लिए सिटी बस या अन्य साधन नहीं होने के कारण लोग परेशान होते हैं। यह इलाका शहर से कट जाता है। कॉलोनियां तो बस गईं है लेकिन यातायात के साधन नहीं हैं।

अगले माह से नई बसें


अप्रैल से शहर और आसपास के इलाकों में 260 नई बसें चलाएंगे। इनमें इंदौर के वो इलाके भी शामिल हैं जहां पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सुविधा नहीं है। लोगों को हर 10 मिनट में बस उपलब्ध होगी।