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जूट बोरियों की अनिवार्यता में 10 % की छूट से 800 करोड़ का घाटा

जूट बोरियों की अनिवार्यता में 10 % की छूट से 800 करोड़ का घाटा इंदौर| खाद्य मंत्रालय द्वारा निर्णयों में बार-बार बदले...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 04, 2018, 02:45 AM IST

जूट बोरियों की अनिवार्यता में 10 % की छूट से 800 करोड़ का घाटा

इंदौर| खाद्य मंत्रालय द्वारा निर्णयों में बार-बार बदले जाने से जूट उद्योग परेशानी महसूस करने लगा है। मंत्रालय ने 2018-19 में खरीफ एवं रबी सीजन सत्र के लिए 2,58000 जूट बोरियों की गांठों की जगह अन्य तरह की बोरियों के उपयोग करने की मंजूरी दे दी है। रबी फसल 11 लाख गठानों की आवश्यकता होती है। इसमें से 10 प्रतिशत की छूट दे दी है। इससे जूट उद्योग को कम से कम 800 करोड़ रुपए का नुकसान होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। खाद्यान्न की भराई के लिए सरकारी एजेंसियां बड़ी मात्रा में बी ट्रिवल का उपयोग करती है। उद्योग सूत्र का कहना है कि जूट उद्योग सरकार की मांग पूरी करने में सक्षम है। इसके बावजूद यह घोषणा की गई है। प्लास्टिक बोरियों का उपयोग स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना जा रहा है। उसके बाद इसे उद्योग को प्रोत्साहित क्यों किया जा रहा है?

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Web Title: जूट बोरियों की अनिवार्यता में 10 % की छूट से 800 करोड़ का घाटा
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