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एक किन्नर की त्रासदी की मार्मिक कहानी

यूं तो दो दिनी एशियन शॉर्ट फिल्म फेस्टिवल में ईरान और तुर्की के फिल्में भी दिखाई गई लेकिन इसमें मराठी फिल्म द्विता...

Danik Bhaskar | Apr 01, 2018, 03:15 AM IST
यूं तो दो दिनी एशियन शॉर्ट फिल्म फेस्टिवल में ईरान और तुर्की के फिल्में भी दिखाई गई लेकिन इसमें मराठी फिल्म द्विता एक किन्नर के लड़की के प्रति आकर्षित होने और अपने अस्तित्व की त्रासदी की मार्मिक कहानी है। यह कहानी बहुत चटख रंगों, छोटे-छोटे प्रसंगों और संवादों के जरिए एक किन्नर के अंतर्मन के द्वंद्व को खूबी से अभिव्यक्त करती है।

प्रीतमलाल दुआ सभागृह में सूत्रधार फिल्म सोसायटी के इस फिल्म फेस्ट के पहले दिन सात फिल्में दिखाई गई। इसमें ईरान की तकदीर और टु नॉट लुक इन टु द मिरर, तुर्की की स्टोरी ऑफ अ जॉब इंटरव्यू, मराठी की द्विता, सावट, एन इंटरव्यू विद मिस्टर चाको और मणिपुर की आबा फिल्में दिखाई गईं। विशाल वसंत अहिरे की फिल्म द्विता एक किन्नर की कहानी को उसकी ख्वाहिशों के मद्देनज़र उसे एक बहुत ही संवेेदनशील मानवीय नज़रिए से देखती है और उस किन्नर के दु:ख को खूबी से अभिव्यक्त करती है। किन्नर जिस लड़की से आकर्षित होता है उससे प्रेम न कर पाने की पीड़ा मर्मांतक है। जबकि स्वप्निल राजशेखर की सावट एक गरीब पिता की अपनी बेटी के साथ बहुत ही आत्मीय और विडंबनात्मक संबंधों को दर्शाती है।

एन इंटरव्यू विद मिस्टर चाको एक ऐसे व्यक्ति का इंटरव्यू है जो एक ऐसी जगह रहकर आया है जहां दो तरह की स्त्रियां रहती हैं। एक वह स्त्री जिसका ऊपरी भाग नहीं है और एक स्त्री वह जिसका निचला भाग नहीं है। यह फिल्म व्यक्ति की फैंटेसी और स्त्री पुरुष के संबंधों की परतें खोलती है। फरहाद घोलामियन ईरानियन फिल्म डु नॉट इन टु दर मिरर एक ऐसे व्यक्ति की कहानी है जो आईना में देखता है तो उसे अपनी दूसरी सूरत नज़र आती है और वह इससे परेशान होकर चेहरे की सर्जरी कराता है। आबा दादा-दादी के साथ रह रही बच्ची की कहानी है। आज फेस्ट में 13 फिल्में दिखाई जाएंगी।

मि. चाको

सावट