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एयरपोर्ट पर नेता समर्थकों के हंगामे, हाथापाई से तंग अाए यात्री, डायरेक्टर ने लिखा- बने पॉलिसी

एयरपोर्ट पर 18 मार्च को एक साध्वी के स्वागत में कुछ लोगों ने पटाखे फोड़ दिए थे। इससे अफरातफरी मच गई और बच्चे, महिलाओं...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 03:25 AM IST

एयरपोर्ट पर नेता समर्थकों के हंगामे, हाथापाई से तंग अाए यात्री, डायरेक्टर ने लिखा- बने पॉलिसी
एयरपोर्ट पर 18 मार्च को एक साध्वी के स्वागत में कुछ लोगों ने पटाखे फोड़ दिए थे। इससे अफरातफरी मच गई और बच्चे, महिलाओं सहित सभी यात्री घबरा गए थ। इससे पहले भी बड़े नेताओं के आने पर समर्थक टर्मिनल में घुसने के लिए विवाद कर आम आदमी की यात्रा में खलल डालते रहे हंै। हालांकि एयरपोर्ट प्रबंधन ने एंट्री के लिए नेता समर्थकों की संख्या तय करने का प्रस्ताव प्रशासन को भेजा है।

शिवराज, शाह तक के सामने भिड़े, रनवे पर जाकर लेट गए

2. करीब एक साल पहले मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के आने पर उनके स्वागत के लिए पहुंचे नेताओं में से कुछ के पास अंदर तक के बनाए गए थे। वहीं कुछ को विजिटर्स पास दे दिए गए थे। इसी पर विवाद हुअा था।

3. सांसद कमलनाथ के आने पर अंदर जाने के लिए कुछ के वीआईपी पास बने। वहीं, विजिटर्स पास के साथ प्रवेश करने के लिए सीआईएसएफ ने नेताओं को कतार में आने को कहा तो विवाद किया।

6. भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के आने पर स्थानीय नेता उनके स्वागत के लिए पहुंचे तो टर्मिनल में प्रवेश को लेकर स्थानीय नेताओं में विवाद हुआ था। स्वागत के दौरान ऐसी धक्का-मुक्की मची कि शाह का चश्मा तक टूट गया था।

2004 में रनवे तक चले गए थे प्रदर्शनकारी

ऐसे-ऐसे 

सुरक्षा में व्यवधान बनकर आने वाले नेताओं पर कटाक्ष का बोर्डिंग पास

माला पहनाने, पांव छूने आ रहे समर्थकों के लिए

कार पार्किंग गेट

4. कुछ साल पहले सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया और कमलनाथ आए थे। तब एयरपोर्ट की वीआईपी पास की सूची में पूर्व पार्षद सुरेश मिंडा का नाम नहीं दिया गया था। इस पर खूब हंगामा हुआ था।

2004 में शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती की गिरफ्तारी से नाराज संगठनों ने देशभर में रेल, विमान सेवा रोकने की घोषणा की थी। इंदौर में संगठनों के कार्यकर्ता रनवे तक पहुंचकर विमान के सामने लेट गए थे। तब विमानतल की सुरक्षा पुलिस के पास ही थी। इस घटना को सुरक्षा में भारी चूक मानते हुए एयरपोर्ट पर सीआईएसएफ की नियुक्ति की गई थी।

आपकी कार की

1. 21 अप्रैल 2016 को पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के आने पर टर्मिनल में प्रवेश को लेकर कांग्रेस नेता पूर्व विधायक अश्विन जोशी और शहर उपाध्यक्ष मेहमूद कुरैशी में विवाद हुआ और बात हाथापाई तक पहुंच गई थी।

5. दिग्विजय सिंह को लेने पहुंचे नेताओं में राजीव विकास केंद्र के प्रदेश अध्यक्ष का प्रवेश को लेकर सीआईएसएफ स्टाफ से विवाद हो गया था। तब भी स्थिति धक्का-मुक्की और हाथापाई तक पहुंच गई थी।

जिससे जब आप खुद जाएं

वीआईपी पास की सूची से कट जाता है नाम, विजिटर्स पास नहीं आता काम

अकसर स्थानीय बड़े नेता पास के लिए एयरपोर्ट प्रबंधन को भेजी जाने वाली सूची में अपने चहेतों के नाम रहने देते हैं और दूसरों के नाम काट देते हैं। नाम कटने और टर्मिनल में एंट्री नहीं मिलने पर संबंधित नेता बखेड़ा खड़ा कर देता हैै।

पास की 

बोर्डिंग एग्जिट पास

किसी भी बड़े नेता के आने पर संबंधित पार्टी कार्यालय से विमानतल प्रशासन को प्रवेश के लिए पास बनाए जाने के लिए नामों की सूची भेजी जाती है। किसी समर्थक का नाम छूट जाता है तो वह एयरपोर्ट पर ही विवाद करने लगता है।

बड़े नेताओं के आने पर कई छोटे-बड़े नेताओं को भीड़ लाने तक की जिम्मेदारी दी जाती है। ऐसे में सभी को अंदर प्रवेश नहीं मिल पाने पर भी कार्यकर्ता वहीं हंगामा करने लगते हैं।

एयरपोर्ट पर बड़े नेता के आने पर प्रोटोकॉल के तहत कुछ ही लोगों को प्रवेश मिलता है। ऐसे में अन्य नेताओं के लिए बड़े नेता विजिटर्स पास लेते हैं, जिसमें वे विजिटर्स एरिया तक ही जा पाते हैं जबकि बड़े नेता अंदर।

यात्रियों की 

ऐसा लगा था कि मेरी फ्लाइट ही छूट जाएगी

रे सकोर्स रोड पर रहने वाले जितेंद्र सिंह चौहान ने बताया कुछ समय पहले जब मैं परिवार के साथ मुंबई जा रहा था, तब एयरपोर्ट पर भाजपा के किसी बड़े नेता के आने के चलते समर्थकों की भीड़ लगी थी। समर्थकों ने टर्मिनल के ठीक बाहर गलत तरीके से अपनी कारें पार्क कर दी थीं, जिससेे यात्रियों की कार उन्हें ड्रॉप कर बाहर नहीं जा पा रही थीं। यात्रियों को लेने आई कारों के साथ भी यही समस्या आ रही थी। कुछ समर्थक अंदर जाने देने को लेकर सुरक्षाकर्मियों से विवाद भी कर रहे थे। धक्का-मुक्की के चलते यात्रियों का प्रवेश बाधित हो रहा था। देरी के चलते फ्लाइट छूट न जाए, इसे लेकर भी यात्री चिंतित थे।

अब ये होगा 

प्रशासन की मंजूरी के बाद बनाएंगे नीति : डायरेक्टर

एयरपोर्ट डायरेक्टर अर्यमा सान्याल ने बताया इन घटनाओं पर रोक के लिए एयरपोर्ट प्रशासन ने कलेक्टर को प्रस्ताव भेजकर ऐसे समय नेता समर्थकों की अधिकतम सदस्य संख्या तय करने की मांग की है। मंजूरी मिलने पर इस संबंध में जल्द नीति बनाएंगे।

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