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परिजन ने पूछा- जिनको आंखें लगाते हैं, क्या उनसे पैसा लेते हैं और लेते हैं तो कितना

जिन लोगों को कार्निया प्रत्यारोपित किया जाता है, उनसे किसी प्रकार का शुल्क लिया जाता है? यदि लिया जाता है तो कितना।...

Danik Bhaskar | Apr 02, 2018, 03:25 AM IST
जिन लोगों को कार्निया प्रत्यारोपित किया जाता है, उनसे किसी प्रकार का शुल्क लिया जाता है? यदि लिया जाता है तो कितना। कुछ इस तरह ही जिज्ञासा लेकर रविवार को कार्निया क्लब की मीटिंग में उन परिवार के सदस्य बैठक में पहुंचे, जिन्होंने अपने प्रियजन की आंखें दान कीं।

मीटिंग में आई बैंक कर्मचारी, मुस्कान ग्रुप के संदीपन आर्य, दानदाता परिवार के सदस्य सहित अन्य उपस्थित थे। इसमें सिंधी पंचायत के वरिष्ठ पदाधिकारी भी मौजूद रहे। सभी ने अपने अनुभव साझा करते हुए अाई बैंक की कार्यप्रणाली के बारेे में समझाया। किस प्रकार से मृत शरीर से कार्निया निकाला जाता है, इस पर कितना खर्च होता है? इन्हीं में से कुछ के मन में शंकाएं थीं। दानदाताओं ने सवाल भी किया कि वे नेत्रदान करते हैं, तो क्या इस दान के बदले मरीजों से पैसा लिया जाता है। इस पर आई बैंक की ओर से बताया गया कि प्रत्यारोपण शुल्क डॉक्टर्स लेते हैं, लेकिन कार्निया का हम अलग से पैसा नहीं लेते। केवल प्रोसेसिंग चार्ज लिया जाता है। आई बैंक द्वारा बीते सात साल में किए गए कार्निया कलेक्शन की जानकारी भी दी गई।

बेटा चला गया, लेकिन किसी की आंखों को रोशनी दे गया: हेमंत जैन

इस मौके पर हेमंत जैन भी संबोधित किया। उनके साढ़े दस साल के बच्चे का नेत्रदान किया गया था। उन्होंने बताया कि एमएलसी केस होने के कारण नेत्रदान नहीं हो पा रहा था, लेकिन वे नेत्रदान करना चाहते थे। उन्होंने मुस्कान ग्रुप के सहयोग की सराहना करते हुए अनुभव साझा किए।

नेत्रदान के आंकड़े

2017 518

2016 451

2015 775

2014 638

2013 795

इंदौर सोसायटी फॉर आर्गन डोनेशन के अनुसार

चार लोगों ने देहदान का संकल्प लिया

योगा टेंपल में कार्यक्रम हुआ जिसमें अंगदान को लेकर बात की गई। करीब 60 लोग इसमें शामिल हुए। इनमें से चार लोगों ने देहदान का संकल्प पत्र भरा। मुख्य अतिथि डॉ. हरीश थोरानी थे। विशेष अतिथि डॉ. अमित जोशी व रितु केडिया थे। संदीपन आर्य ने अंगदान के बारे में संबोधित किया।