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पूरी सरकार 62 की हुई निगम, मंडल और कोर्ट में

पूरी सरकार 62 की हुई निगम, मंडल और कोर्ट में भी रिटायरमेंट की उप्र दो साल बढ़ी... इसके बाद ही रिटायरमेंट की आयु...

Danik Bhaskar | Apr 02, 2018, 03:25 AM IST
पूरी सरकार 62 की हुई निगम, मंडल और कोर्ट में भी रिटायरमेंट की उप्र दो साल बढ़ी...

इसके बाद ही रिटायरमेंट की आयु बढ़ाए जाने संबंधी फैसला लागू होगा। इधर, नगरीय प्रशासन संचालनालय ने रिटायरमेंट की आयु बढ़ाए जाने संंबंधी शनिवार को अध्यादेश जारी होने के तत्काल बाद ही 378 नगरीय निकायों के कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ाए जाने संबंधी आदेश जारी कर दिए थे। इससे यह आदेश 31 मार्च को तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। इससे महीने के अंतिम दिन में 700 से ज्यादा कर्मचारी रिटायर नहीं हो पाए।

कर्मचारियों का दर्द मेरे मन में, रिटायर हो चुके कर्मचारियों को भी देंगे लाभ - सीएम ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के समक्ष प्रमोशन का मामला विचाराधीन होने के कारण शासकीय कर्मचारियों-अधिकारियों के प्रमोशन रुके हुए थे। यह दर्द मेरे मन में था। कई शासकीय कर्मचारी बिना प्रमोशन के रिटायर हो गए। इस स्थिति के लिए कर्मचारियों का कोई दोष नहीं था। उन्होंने कहा कि जो लोग रिटायर हो चुके हैं, उनके संबंध विचार किया जाएगा कि उन्हें पदोन्नति का लाभ किस प्रकार मिले। उन्होंने कहा कि पूर्व की सरकारों के समय केंद्र के समान डीए लेने के लिए भी कर्मचारियों को संघर्ष करना पड़ता था। अब यह निर्णय लिया गया है कि जब भी केंद्र डीए बढ़ाएगा, राज्य सरकार उसके अनुसार ही डीए बढ़ा देगी।

सीबीएसई पेपर लीक करने के आरोप में दो शिक्षक और एक ट्यूटर गिरफ्तार...

तौकीर एक कोचिंग सेंटर में ट्यूटर है। दोनों शिक्षकों ने परीक्षा से करीब 30-40 मिनट पहले पैकेट खोलकर इकोनॉमिक्स के पेपर की तस्वीर तौकीर को भेजी, जो उसने वाट्सएप से छात्रों को बांट दी। उल्लेखनीय है कि सीबीएसई 12वीं कक्षा की इकोनॉमिक्स की परीक्षा 25 अप्रैल को दोबारा लेगा।

पेपर लीक होने से बचाने को सीबीएसई ने मुख्यालय से देशभर में भेजे कर्मचारी

सीबीएसई ने एक अप्रत्याशित कदम उठाते हुए सोमवार की परीक्षा के लिए दिल्ली स्थित मुख्यालय में कार्यरत कर्मचारियों को देशभर में ड्यूटी के लिए रवाना किया है। सीबीएसई ने अर्जेंट मैसेज भेजकर मुख्यालय में तैनात सभी कर्मचारियों को रविवार को बुलाया। साथ ही दिल्ली से बाहर जाने के लिए सामान साथ लाने को कहा। सोमवार को 12वीं की हिंदी (इलेक्टिव) की परीक्षा होनी है। सीबीएसई ने परीक्षा के लिहाज से पहली बार ऐसी कार्रवाई की है।

कश्मीर में 3 मुठभेड़ों में 11 आतंकी ढेर, स्कूल-कॉलेज, ट्रेन और इंटरनेट बंद ...

महज कुछ घंटे में एक के बाद एक 11 आतंकियों की मौत की खबर फैलते ही शोपियां, अनंतनाग, कुलगाम और पुलवामा में भी तनाव फैल गया। अलग-अलग जगहों पर हुई झड़पों में सेना, पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों सहित 70 से ज्यादा लोग घायल हो गए। ऐसे में अफवाहें फैलने से रोकने के लिए पूरी घाटी में मोबाइल इंटरनेट बंद कर दिया गया। श्रीनगर-बनिहाल और जम्मू के बीच रेल सेवा भी रोक दी गई। सोमवार को अलगाववादियों के बंद के ऐलान के चलते ऐहतियातन स्कूल-कॉलेजों सहित सभी शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे। सोमवार को होने वाली परीक्षाएं भी स्थगित कर दी गई हैं।



सेना की 15वीं कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल एके भट्‌ट ने बताया कि अनंतनाग के पेठ डायलगाम में मुठभेड़ के दौरान एसएसपी ने आतंकियों से सरेंडर करवाने के लिए विशेष प्रयास किए। उन्होंने कहा कि छिपकर फायरिंग कर रहे एक आतंकी के परिवार के लोगों को मुठभेड़ स्थल पर बुलवाया गया। वह लोग करीब आधे घंटे तक आतंकियों से बातचीत कर उन्हें सरेंडर करने के लिए समझाते रहे। लेकिन एक आतंकी ने परिवार की बात नहीं मानी। परिवार के साथ बातचीत के दौरान भी एसएसपी ने उसे पकड़ने की कोशिश की लेकिन उसने फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में उसे मार गिराया। जबकि उसके दूसरे साथी ने सरेंडर कर दिया।

रात में एक साथ तीन जगह शुरू हुआ ऑपरेशन; शोपियां में 10 और अनंतनाग में एक आतंकी ढेर- सुरक्षा बलों को सूचना मिली थी कि शोपियां के द्रगड़ और काचदूरू गांवों और अनंतनाग के पेठ डायलगाम में बड़ी संख्या में आतंकी मौजूद हैं। सुरक्षाबलों, राजनेताओं पर हमलों के अलावा अन्य साजिशों की प्लानिंग के लिए ये एकत्रित हुए थे। सुरक्षाबलों ने शनिवार रात ही तीनों जगह तलाशी और घेरेबंदी शुरू कर दी। आतंकियों की ओर से गोलीबारी शुरू होने पर मुठभेड़ शुरू हो गई। शोपियां के द्रगड़ में सात और काचदूरू में तीन आतंकी मारे गए। अनंतनाग के पेठ डायलगाम में एक आतंकी मारा गया। देर शाम अभियान रोक दिए गए थे। तीनों जवान काचदूरू में ही शहीद हुए। आतंकियों के शव ढूंढने के लिए सोमवार सुबह फिर से ऑपरेशन शुरू होगा।

प्रथम विश्व युद्ध में अमेरिकी सेना के डॉग ‘स्टबी’ पर बनी फिल्म, 17 मोर्चों पर रहा, दुश्मनों को आवाज से पहचान लेता था...

वह सैनिकों की तरफ आने वाले मिसाइल शेल, मस्टर्ड गैस हमले के बारे में पहले ही आगाह कर देता था। ऐसे ही एक गैस अटैक से पहले उसने पूरे शहर को सचेत कर दिया था। इस वजह से एक महिला ने उसके लिए कोट तैयार किया था, जो स्टबी पूरी जिंदगी पहनता रहा। इतना ही नहीं, वह अमेरिकी, जर्मन और फ्रांसीसी सैनिकों की आवाज में अंतर भी पहचान लेता था। उसने जर्मन जासूस को तब तक जकड़े रखा, जब तक उसे पकड़ नहीं लिया गया। स्टबी घायल सैनिकों को ढूंढ लेता था और तब तक उनके पास खड़ा रहता था जब तक मदद नहीं पहुंच जाती। एक हमले में स्टबी भी घायल हो गया था। 1926 में मौत हो गई।

आईपीएल की तर्ज पर प्रदेश में भी शुरू होगी मप्र प्रीमियर लीग...

इससे खिलाड़ियों को बेहतर अवसर मिलने के साथ ही आर्थिक रूप से भी मजबूती मिल सकेगी। सूत्रों के अनुसार इस लीग को माधवराव सिंधिया की स्मृति में कराए जाने की योजना है। सोमवार शाम को होने वाली मैनेजिंग कमेटी की बैठक में भी इस मुद्दे पर चर्चा होगी।

मैनेजिंग कमेटी की बैठक आज, भोपाल में तदर्थ कमेटी और लोढ़ा समिति का उठेगा मुद्दा-मैनेजिंग कमेटी की बैठक सोमवार शाम 7.30 बजे होलकर स्टेडियम में होगी। इसमें भोपाल में तदर्थ कमेटी के कारण होने वाले अधिक खर्चे को लेकर भी फैसला होगा, इस पर कई सदस्यों ने आपत्ति ली है। साथ ही लोढ़ा कमेटी को लेकर भी चर्चा होगी, इसे लागू करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहले ही फैसला कर चुका है। वहीं इसी मामले को लेकर एमपीसीए सदस्य डॉ. लीलाधर पालीवाल ने एमपीसीए को पत्र लिखकर लोढ़ा कमेटी की सिफारिशें लागू नहीं करने पर आपत्ति लेते हुए परिवाद दायर करने की चेतावनी दी है।

एफसीआई वॉचमैन भर्ती परीक्षा का पेपर लीक, एसटीएफ ने 48 छात्र और 2 ...

लीक हुआ पेपर ग्वालियर के एक गेस्टहाउस में बिहार, राजस्थान आैर यूपी के 48 प्रतियोगियों को सॉल्व कराया जा रहा था। इन सबका परीक्षा केंद्र भोपाल में था। रविवार को सुबह 11 बजे से 2 बजे तक पेपर होना था। इससे पहले इसकी भनक एसटीएफ को लग गई। नतीजा, शनिवार की रात एसटीएफ की टीम ने यहां गांधी नगर स्थित सिद्धार्थ पैलेस गेस्ट हाउस से 48 छात्र और 2 एजेंटों को गिरफ्तार कर लिया। पेपर मिलान कराने के बाद एसटीएफ ने मामले का खुलासा किया। जिन आवेदकों को पेपर सॉल्व कराया जा रहा था, उनसे 50-50 हजार रुपए एडवांस लिए गए थे।

स्पेशल टास्क फोर्स के इंस्पेक्टर एजाज अहमद के अनुसार एफसीआई के वॉचमैन पद पर भर्ती के लिए परीक्षा भोपाल, सागर, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, सतना एवं जबलपुर में रविवार को होना थी। एसटीएफ एसपी सुनील शिवहरे को पता चला था कि भोपाल, ग्वालियर और रतलाम में कुछ लोग पेपर का सौदा कर रहे हैं, इन स्थानों पर परीक्षार्थियों को इकट्ठा करके पेपर सॉल्व भी कराया जाना है। इस इनपुट पर दो दिन पहले शहर के सभी होटल, लॉज पर एसटीएफ ने नजर रखना शुरू कर दी थी। शनिवार को पता चला कि गांधी नगर में स्थित सिद्धार्थ पैलेस गेस्ट हाउस में एफसीआई द्वारा आयोजित पेपर देने के लिए छात्र इकट्ठे हुए हैं। इनमें ज्यादातर छात्र बिहार के हैं। मामला संदिग्ध लगा तो रात लगभग 9 बजे एसटीएफ ने दबिश देकर यहां से 48 छात्र और 2 एजेंटों को हिरासत में ले लिया। एसटीएफ ने जब दबिश दी तब अलग-अलग कमरों में छात्रों के ग्रुप बनाकर पेपर हल करवाया जा रहा था। पुलिस ने इनसे हस्तलिखित पेपर जब्त करने के साथ ही सभी को हिरासत में ले लिया और एफसीआई के उच्चाधिकारियों को भी सूचना दे दी गई। रविवार दोपहर 2 बजे पेपर खत्म होने के बाद मिलान कराया गया तो इस बात की पुष्टि हो गई कि पेपर लीक हुआ है।

एजेंटों ने बताया- दिल्ली से मिला था पेपर : एसटीएफ ने पकड़े गए एजेंट आशुतोष कुमार और हरीश कुमार निवासी दिल्ली से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि उन्हें पेपर दिल्ली में रहने वाले किशोर कुमार ने उपलब्ध कराया था। उनका काम छात्रों को इकट्ठा करके पेपर सॉल्व कराना था। पेपर सॉल्व कराने के बाद सभी छात्रों के मोबाइल फोन अपने कब्जे में लेकर उन्हें पेपर देने के लिए भोपाल रवाना करना था। पेपर देने के बाद छात्रों के मोबाइल फोन वापस किए जाते।

5-5 लाख में सौदा, 50-50 हजार एडवांस के साथ ऑरिजनल दस्तावेज भी जब्त कर लिए : एसटीएफ ने जिन 48 छात्राें काे पकड़ा है उनमें से 35 बिहार तथा 13 राजस्थान और हरियाणा के हैं। छात्रों ने बताया कि उनसे 5-5 लाख रुपए में सौदा हुआ था। 50-50 हजार रुपए एडवांस लिए गए थे, इसके साथ ही उनके ऑरिजिनल दस्तावेज जैसे मार्कशीट, आधार कार्ड आदि भी इन लोगों ने अपने पास रख लिए थे। सेलेक्शन होने के बाद बाकी रुपए देने के बाद ही उनके ऑरिजिनल दस्तावेज वापस मिलना थे।

मास्टर माइंड रुपए लेकर गायब हो गया : पकड़े गए एजेंट आशुतोष तथा हरीश कुमार का कहना है कि उन्हें पेपर किशोर कुमार निवासी दिल्ली ने उपलब्ध कराया था। उनसे कहा गया था कि उन्हें सिर्फ पेपर सॉल्व करवाना है। इसके एवज में उन्हें 30-30 हजार रुपए मिले थे। शाम तक किशोर कुमार भी शहर में ही था इसके बाद छात्रों से एडवांस का रुपया लेकर चला गया। पकड़े गए एजेंटों में आशुतोष कुमार खुद को बीकाॅम सेकंड ईयर का छात्र बताता है जबकि हरीश ईवेंट मैनेजमेंट ग्रुप का सदस्य होने की बात कहता है। एसटीएफ अफसर इनके बयानों की पुष्टि करने में जुटे हैं।