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रात को तलाशती रही सहेली को, मोबाइल लोकेशन सरवटे की, अस्पताल में मिला शव

सरवटे बस स्टैंड पर हुए हादसे में 10 लोगों की जान होटल के मलवे में दबने से चली गई। वहीं दो घायल अस्पताल में भर्ती है।...

Danik Bhaskar | Apr 02, 2018, 03:30 AM IST
सरवटे बस स्टैंड पर हुए हादसे में 10 लोगों की जान होटल के मलवे में दबने से चली गई। वहीं दो घायल अस्पताल में भर्ती है। जैसे-जैसे हादसे की खबर फैली, वैसे-वैसे परिजन अपनों की तलाश में होटल के आसपास तो एमवाय अस्पताल में भटकते रहे। सभी यहीं उम्मीद कर रहे थे, कि उनके अपने को कुछ न हुआ हो। लेकिन हकीकत कुछ ही बया कर रही थी। एमवाय अस्पताल के पीएम रूम में शनिवार रात को ही दस लाशें रखी जा चुकी थी। एक के बाद एक उनके परिजन आने लगे और उनकी पहचान होती चली गई। रात में पांच लाशों की शिनाख्त हो गई थी। जबकि पांच लाश अज्ञात थी। रविवार सुबह दो और लाश की शिनाख्त हो गई। अभी भी तीन लाशें ऐसी हैं, जिनके परिजनों को नहीं पता कि उनका कोई अपना इस दुनिया से जा चुका है।

दोस्तों ने एमवायएच पहुंचकर पहचाना

होटल हादसे में एक युवती की शिनाख्त सिमरन दीवान के रूप में हुई है। वह इंदौर में टेली परफॉर्मेंस में काम करती थी। शनिवार रात में उसके दोस्त उसे तलाश रहे थे। उसकी मोबाइल लोकेशन सरवटे बस स्टैंड निकली। दोस्त पहले घटनास्थल पहुंचे और बाद में अस्पताल, जहां उसकी शिनाख्त हो सकी। दोस्त रोमा ने बताया सिमरन पलासिया के होस्टल में रहती थी। वह बुरहानपुर की रहने वाली थी। शाम को परिजन उसका शव ले गए।

एमवाय में पोस्टमॉर्टम के बाद सात की शिनाख्त, फिलहाल तीन की नहीं

अज्ञात की ढूंढ रहे पहचान

संयोगितागंज टीआई मंजू यादव ने बताया शनिवार देर रात ही हरीश सोनी, राकेश राठौर, आनंद पोरवाल और राजू पिता रामलाल का पोस्टमॉर्टम करवाया। रविवार को सिमरन, शंकर पिता संतोष दुबे निवासी उमरिया और सत्यनारायण व तीनों अज्ञात शवों का भी पीएम किया गया।

हाथ में गुदा है रेशम बाई का नाम

तीन लोगों की शिनाख्त अभी भी नहीं हो सकी है। इसमें एक महिला है, जिसके एक हाथ पर रेशम बाई नाम गुदा हुआ है। वहीं एक मृतक की पीएम के बाद पता चला है कि व्यक्ति मुस्लिम हो सकता है। इनका डीएनए टेस्ट भी करवाया जाएगा।

हनुमान जयंती नहीं होती तो और जानें जाती

क्षेत्र के व्यापारियों ने बताया हादसे में और भी जाने जातीं, यदि होटल के नीचे अस्थायी तौर पर संचालित निलेश चाचा की इच्छापूर्ति पान दुकान खुली होती। सड़क हादसे में निलेश चाचा की मौत होने पर दुकान बंद थी। व्यापारी नरेंद्र मालवीय ने बताया निलेश जैन होटल के नीचे ही अस्थायी पान दुकान संचालित करते थे और उनकी दुकान पर जब वे होते थे तो कई लोग सिर्फ शाम को पटिये पर ही बैठक करते थे।

पैसे निकालकर 10 सेकंड में एटीएम से बाहर आ गया तो बाल-बाल बचा युवक

होटल ढहने के दौरान मलबे में दबने से एक युवक भी सूझबूझ से बाल-बाल बच गया। बताते हैं राजेश नामक युवक होटल गिरने के चंद सेकंड पहले अपनी प|ी को सड़क के पार खड़ा कर एमएस होटल की तल मंजिल पर स्थित एटीएम में रुपये निकालने घुसा था लेकिन जैसे ही उसने कार्ड लगाया तो एटीएम मशीन में हलका सा कंपनी होने पर वह तुरंत बाहर आया और उसके निकलते ही होटल भरभराकर गिर गई। इस हादसे में वह भागने में सड़क पर गिर कर घायल हो गया। बाद में इलाके के होटल व्यापारियों ने उसे उठाकर साइड में किया। वहीं एक बाइक सवार भी होटल के पास गिरा और होटल के मलबे से घायल हुआ। ये दोनों बाल-बाल बच गए।

हादसे के बाद शनिवार देर रात भोपाल एनडीआरएफ का दल जांच के लिए आया।

भोपाल के दल ने की जांच