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तस्वीरों में प्रकृति की अप्रतिम सुंदरता

यह बाली के तनह लोट मंदिर की तस्वीर है। बीच समुद्र में चट्‌टान पर बना है यह मंदिर। समुद्र की तेज़ लहरों के कारण...

Danik Bhaskar | Apr 02, 2018, 03:30 AM IST
यह बाली के तनह लोट मंदिर की तस्वीर है। बीच समुद्र में चट्‌टान पर बना है यह मंदिर। समुद्र की तेज़ लहरों के कारण चट्‌टान का आकार कुछ समय में बदलता रहता है।

सिटी रिपोर्टर | इंदौर

यह वह नाज़ुक नज़र है जो यह देखती-दिखाती है कि आधुनिक समय की भागदौड़ में हम प्रकृति की विपुल सुंदरता को कुछ पलों के लिए ठहरकर कैसे निहार सकते हैं और वह सब देख-महसूस कर सकते हैं जो हम अक्सर अनदेखा कर जाते हैं, वह अनदेखा जो हमारे जीवन को कुछ और सुंदर, कुछ और अर्थवान बनाता है। इसलिए शौकिया फोटोग्राफर डॉ. चेतन एरन अपने 25 फोटोग्राफ्स में प्रकृति की अनमोल सुंदरता को अपने धैर्य और धीर-गंभीर कलात्मक नज़रिए से इस तरह अभिव्यक्त करते हैं कि चकाचौंध में हमारी आंखों की सुप्त हो चुकी संवेदनाएं धीरे-धीरे अपनी पलकें खोलकर जागने लगती हैं और हम प्रकृति की मोहकता को फिर से महसूस करने लगते हैं। प्रकृति की यही मोहकता उनके फोटोग्राफ्स की एकल नुमाइश में देखी जा सकती हैं। यह प्रदर्शनी रविवार से प्रिंसेस आर्ट पैसेज में शुरू हुई।

डॉ. चेतन एरन

प्रकृति की रंगतें, रोशनी के क़तरे, पंछियों का कलरव

इन फोटोग्राफ्स में कोमल हरी पत्तियां हैं, उन पर गिरती सुबह की धूप है और पत्तियों पर ठहरी पानी की बूंदें हैं और पानी की बूंदों में रोशनी के क़तरे हैं। और ये सब मिलकर प्रकृति का एक ऐसा छोटा-सा रूप बनाते हैं कि आपकी आंखों की संवेदनाएं जागने लगती हैं। एक फोटोग्राफ्स में कहीं वह सड़क है जो नदी से इस तरह निकलती है जैसे अनंत से निकल रही है तो कहीं सूर्यास्त में सूर्य के सुनहरे गोले में चांदी की तरह चमकती जलराशि की जगमग के बीच पंछियों की विभिन्न मु्द्रा्ओं में गतिविधियां हैं। कहीं पंक्तिबंध पंछी हैं तो दूसरे में ज़मीन पर पंक्तिबद्ध बतखें हैं और उनके ऊपर से उड़नतश्तरी की तरह उतरी एक बतख है। कहीं एक हरी घास की मखमली चादर पहने पहाड़ी से दिखाई देता प्रकृति का नीला वैभव है तो कहीं कोहरे में लिपटा पेड़ है तो कहीं कमल के फूल के समानांतर खड़ा सारस है। कुल मिलाकर इन फोटोग्राफ्स में प्रकृति अपनी समूची रंगतों, कोमल रोशनी, उसकी स्निग्ध और खुरदुरी सतहों के साथ एक टोटल रिलेशिनशिप में दिखाई देती हैं। यह प्रदर्शनी 30 अप्रैल तक सुबह 11 बजे से रात 8 बजे तक देखी जा सकती है।