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तहसील, फैमिली कोर्ट में एडीजे ज्यादा; लेकिन केस कम, जिला अदालत में किए जाएं इनके ट्रांसफर

News - तहसील, फैमिली कोर्ट में सेवाएं दे रहे अतिरिक्त जिला न्यायाधीशों (एडीजे) को इंदौर जिला व सत्र न्यायालय में ट्रांसफर...

Dainik Bhaskar

Feb 02, 2018, 03:30 AM IST
तहसील, फैमिली कोर्ट में एडीजे ज्यादा; लेकिन केस कम, जिला अदालत में किए जाएं इनके ट्रांसफर
तहसील, फैमिली कोर्ट में सेवाएं दे रहे अतिरिक्त जिला न्यायाधीशों (एडीजे) को इंदौर जिला व सत्र न्यायालय में ट्रांसफर किया जाना चाहिए। तहसील कोर्ट में काम कम है, एडीजे दो से तीन, जबकि जिला न्यायालय में इनकी कमी है। हाई कोर्ट बार एसोसिएशन ने इन तथ्यों के साथ हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस को पत्र भेजा है।

महू तहसील में तीन एडीजे- एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल ओझा के मुताबिक, महू तहसील में तीन एडीजे हैं और इतने ही सिविल जज, जबकि केस की संख्या इतनी नहीं है। दो एडीजे और एक सिविल जज से भी काम चलाया जा सकता है। एक एडीजे के पास औसत 250 केस हैं। आठ से 10 दिन की तारीख लगाकर सुनवाई हो रही है। इसी तरह फैमिली कोर्ट में भी तीन जज हैं। यहां भी इतने केस लंबित नहीं हैं कि तीन एडीजे की सेवाएं लेना पड़े।

यहां कई पद खाली

जिला व सत्र न्यायालय में एडीजे के कई पद खाली हैं, जो एडीजे पदस्थ हैं, उनके यहां क्षमता से ज्यादा केस लगते हैं। सुनवाई की तारीख भी डेढ़ से दो महीने बाद लगती है। तहसील और फैमिली कोर्ट में स्थिति एेसी है कि 2 बजे तक काम खत्म हो जाता है। चीफ जस्टिस से मांग की गई है कि ना केवल इंदौर, बल्कि अन्य जिलों में भी ऐसी ही स्थिति है। युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया को अपनाते हुए न्यायाधीशों को ऐसी जगह पदस्थ किया जाए, जहां पर कमी है।

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