• Home
  • Madhya Pradesh News
  • Indore News
  • News
  • संगीत और प्रेम की विरल धुनों की मार्मिक कहानी कहती "द साउंड ऑफ म्यूज़िक'
--Advertisement--

संगीत और प्रेम की विरल धुनों की मार्मिक कहानी कहती "द साउंड ऑफ म्यूज़िक'

द साउंड ऑफ म्यूज़िक एक ऐसी फिल्म है जो संगीत की विरल धुनों के साथ प्रेम के विरल अनुभवों की कहानी कहती है। यह फिल्म...

Danik Bhaskar | Mar 02, 2018, 03:30 AM IST
द साउंड ऑफ म्यूज़िक एक ऐसी फिल्म है जो संगीत की विरल धुनों के साथ प्रेम के विरल अनुभवों की कहानी कहती है। यह फिल्म संगीत और प्रेम के संबंधों को खूबसूरत से दर्शाती है और बताती है कि संगीत किस तरह से दो दिलों की धकड़ने एक कर देता है। रॉबर्ट वाइज़ निर्देशित इस फिल्म को सिने विज़न ने स्कूल ऑफ कम्प्यूूटर साइंस के सभागार में दिखाया।

मधुर गीत-संगीत, सशक्त अभिनय

मारिया वाॅन ट्रैप की आत्मकथा ‘द स्टोरी आॅफ द ट्रैप फेमिली सिंगर्स’ पर आधारित यह फिल्म उस परिवार की कहानी है जो 1938 में नाजी सेना को चकमा देकर भागने में सफल रहा। मारिया (जूली एंड्रयूज) एक चंचल युवती है, जो आॅस्ट्रिया के साल्जबर्ग के काॅन्वेंट में नन बनने आई है। उसका चुलबुलापन और गायन काॅन्वेंट के अनुशासन से मेल नहीं खाता लिहाजा उसे एक विधुर नौसेना अधिकारी कैप्टन जाॅर्ज वाॅन ट्रैप (क्रिस्टोफर प्लमर) के घर उसके सात बच्चों की गवर्नेंस बनाकर भेज दिया जाता है। सख्त नियम-कायदे वाला पिता कैप्टन जॉर्ज बच्चों को कड़े अनुशासन में रखता है। हुड़दंगी बच्चे मारिया को सहयोग नहीं करते लेकिन मारिया अपने मधुर व्यवहार और गीत-संगीत से बच्चों का दिल जीत लेती है। धीरे-धीरे मारिया स्वयं कैप्टन को चाहने लगती है लेकिन कैप्टन की मंगनी पारिवारिक मित्र बैरनेस एल्सा श्रेडर (इलेनाफर पार्कर) से होती है और टूट भी जाती है। और मारिया-जॉर्ज शादी कर लेते हैं। परिस्थियां बदलती हैं और ऑस्ट्रिया में नाज़ी सेना के आने से कैप्टन सेना की जिम्मेदारी नहीं लेना चाहता और परिवार ऑस्ट्रिया से भाग जाता है। निर्माता-निर्देशक राॅबर्ट वाइज की इस फिल्म को दस श्रेणियों में आॅस्कर के लिए नामांकित किया गया था, जिसमें से इसने सर्वश्रेष्ठ फिल्म और निर्देशन सहित पांच पुरस्कार जीते। फिल्म की नायिका जूली एंड्रयूज ने सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का गोल्डन ग्लोब पुरस्कार जीता।

फिल्म द साउंड ऑफ म्यूज़िक का एक दृश्य।