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सालों से गृह निर्माण संस्थाओं का ऑडिट नहीं, अब 5 से फिर शिविर लगाकर करेंगे

गृह निर्माण सहकारी संस्थाओं की मनमानी इस कदर है कि कई ने तीन से 10 वर्ष तक ऑडिट ही नहीं कराया। राज्य सहकारिता आयुक्त...

Danik Bhaskar | Mar 02, 2018, 04:20 AM IST
गृह निर्माण सहकारी संस्थाओं की मनमानी इस कदर है कि कई ने तीन से 10 वर्ष तक ऑडिट ही नहीं कराया। राज्य सहकारिता आयुक्त मुख्यालय की सख्ती के बाद सहकारिता विभाग इंदौर ने श्रम शिविर स्थित कार्यालय में भी गृह निर्माण संस्थाओं को रिकॉर्ड लेकर तलब किया और शिविर लगाकर ऑडिट शुरू कर दिया है। गत माह से शुरू 220 संस्थाओं में से अब तक 38 ने ही ऑडिट कराया है। शेष को कानूनी नोटिस दिए जाएंगे। इसके अलावा 320 अन्य गृह निर्माण संस्थाओं के ऑडिट 5 मार्च से शुरू होंगे।

मप्र सहकारी सोसायटी अधिनियम 1960 के तहत पंजीकृत सहकारी संस्थाओं का सालाना ऑडिट अनिवार्य है किंतु इंदौर में गृह निर्माण संस्थाएं हर साल ऑडिट ही नहीं करातीं। इंदौर में लगभग साढ़े नौ सौ गृह निर्माण संस्थाएं हैं, जिनमें से आधी से ज्यादा के सालाना ऑडिट सालों से नहीं हुए। राज्य मुख्यालय ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए शिविर लगाकर ऑडिट करने के आदेश दिए थे। इसके तहत गृह निर्माण संस्थाओं को नोटिस जारी कर पूरे रिकॉर्ड के साथ तलब किया है। किसे किस दिन आना है इसकी अलग-अलग तारीखें दी गई हैं।

220 में से सिर्फ 38 का ऑडिट

सहायक आयुक्त सहकारिता सुरेश सांवले के मुताबिक गत 19 फरवरी से 220 ऐसी गृह निर्माण सहकारी संस्थाओं के लिए रोज शिविर लगाकर ऑडिट किए जा रहे हैं, जिनके चुनाव के बाद बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स मौजूद हैं। इनमें से अब तक 38 संस्थाओं के ही ऑडिट हो सके हैं। शेष के रिकॉर्ड नहीं आने अथवा रिकॉर्ड अधूरे होने से ऑडिट नहीं हो सका है। जिन संस्थाओं के ऑडिट नहीं हो सके उन्हें सहकारिता अधिनियम के तहत नोटिस देकर कार्रवाई की जाएगी। सहायक आयुक्त के मुताबिक अब 5 मार्च से 14 मार्च तक ऐसी 320 गृह निर्माण संस्थाओं के ऑडिट होंगे जो भंग हैं और उन पर प्रशासक नियुक्त हैं। रोजाना 20-20 संस्थाओं के ऑडिट होंगे।