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दावा अधिकरण ने तीन मृतकों की आय अधिक मानी, परिजनों को 18-18 लाख रु. देने के आदेश

दुर्घटना दावा अधिकरण इंदौर ने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के संदर्भ में माना कि दुर्घटना में मृत व्यक्ति की आय...

Danik Bhaskar | Mar 02, 2018, 04:20 AM IST
दुर्घटना दावा अधिकरण इंदौर ने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के संदर्भ में माना कि दुर्घटना में मृत व्यक्ति की आय प्रमाणित होने पर शीर्ष अदालत द्वारा तय गाइड लाइन के अनुसार उसकी आय अधिक मानकर क्षतिपूर्ति उसके परिजनों को दी जाएगी। इस आधार पर कोर्ट ने एक ही दुर्घटना में तीन मृतकों के परिजनों को 18-18 लाख रुपए क्षतिपूर्ति ब्याज सहित देने के आदेश दिए। घटना सितंबर 2016 की है। गैस टैंकर बाइक सवार शांतिलाल चौहान को टक्कर मारते हुए पेड़ से टकरा गया था। इसमें बाइक सवार शांतिलाल व बाइक पर बैठी उसकी आठ वर्षीय बेटी पवित्रा की मौत हो गई थी और उसकी प|ी ग्यारसीबाई गंभीर घायल हो गई थी। वहीं टैंकर जिस पेड़ से टकराया था उस पर बैठे जीवन यादव की भी मौत हो गई थी। वह पेड़ पर बैठकर बिजली लाइन डालने का काम कर रहा था। टैंकर ने एक साथ तीन लोगों की जान ली थी।

एडवोकेट राजेश खंडेलवाल ने तीनों मृतकों के परिजनों और घायल ग्यारसीबाई की ओर से जिला कोर्ट में अपर सत्र न्यायाधीश एवं दुर्घटना दावा अधिकरण में चार अलग-अलग दुर्घटना दावे बीमा कंपनियों के खिलाफ पेश किए थे। एडवोकेट खंडेलवाल ने प्रकरणों की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट में हुए सरला विरुद्ध देहली ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन का न्याय दृष्टांत दिया, जिसमें 21 वर्ष से 25 वर्ष की आयु के मृतक के आश्रितों को मृतक की आय में 18 गुणांक किया जाना निर्धारित किया है। इसी तरह प्रणय सेठी विरुद्ध बीमा कंपनी के फैसले का दृष्टांत दिया, जिसमें दुर्घटना में मृत व्यक्ति की उम्र 40 वर्ष से कम हो तो उसकी आय की 40 प्रतिशत अधिक राशि जोड़कर दुर्घटना बीमा दिया जाना चाहिए। एडवोकेट खंडेलवाल के मुताबिक एडीजे एवं दुर्घटना दावा अधिकरण के सदस्य कृष्णमूर्ति मिश्र ने चारों प्रकरणों का फैसला सुनाते हुए 18-18 लाख रुपए उनके आश्रितों को एवं घायल ग्यारसीबाई को तीन लाख 90 हजार रुपए एवं सात प्रतिशत ब्याज 30 दिन में देने के आदेश दिए।