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अप्रशिक्षित रेलवे कर्मचारियों को भेज दिया था टावर वैगन को पटरी पर लाने, आधे घंटे के काम में लगे 4 घंटे

लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन पर बेपटरी हुए टावर वैगन को वापस पटरी पर लाने में रेलवे अफसरों द्वारा भारी लापरवाही की...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 02, 2018, 04:25 AM IST

अप्रशिक्षित रेलवे कर्मचारियों को भेज दिया था टावर वैगन को पटरी पर लाने, आधे घंटे के काम में लगे 4 घंटे
लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन पर बेपटरी हुए टावर वैगन को वापस पटरी पर लाने में रेलवे अफसरों द्वारा भारी लापरवाही की जाना सामने आ रही है। इसके पीछे कारण यह बताया जा रहा है कि टावर वैगन को जो रेलवे कर्मचारी पटरी पर चढ़ाने पहुंचे थे वे अप्रशिक्षित थे और उन्हें नए आए उपकरणों को उन्हें चलाना भी नहीं आता था। इसकी वजह से जो काम मात्र आधे घंटे में पूरा किया जा सकता था उसे पूरा करने में चार घंटे से ज्यादा लग गए। ट्रैक बाधित होने से आठ ट्रेनें लेट हुईं और हजारों यात्रियों को परेशान होना पड़ा।

यह हुआ था घटना वाले दिन : गत मंगलवार को टावर वैगन (ईआरयू 21) से बरलई में इलेक्ट्रिक लाइन पर काम किया जा रहा था। इस दौरान उसका एक्सल टूट गया और गियर में फंस गया। इस पर एक अन्य टावर वैगन (ईआरयू 138) से उसे जोड़कर लक्ष्मीबाईनगर स्टेशन के शेड में लाया जाने लगा। रात करीब 9 बजे मेन लाइन पर उसके दो पहिए पटरी से उतर गए थे। घटना की जानकारी मिलते ही कोचिंग डीपो के सीडीएस आरपी वरगड़िया ब्रेक डाउन का सामान और कर्मचारियों को साथ लेकर लक्ष्मीबाई नगर स्टेशन पहुंचे। यहां पर कर्मचारियों को इसका उपयोग करना ही नहीं आया और उपकरण मौके पर ही रखे रह गए।

एआरटी इंचार्ज ने की थी लापरवाही

घटना स्थल पर पहुंचे उज्जैन एआरटी इंचार्ज पिंटू दास ने जब टावर वैगन को उठाकर पटरी पर रखना था तो वे उसके नीचे ट्रॉली लगाना भूल गए। इस पर जैसे ही वैगन को पटरी पर रखा तो वह फिर लड़खड़ाकर पटरी से उतर गया। उसे दोबारा एआरटी से उठाकर पटरी पर रखा जाने लगा तो ट्रॉली ठीक से नहीं लगाई और वह फिर पटरी से उतरा और उसका एक्सल पूरी तरह से टूट गया।

तीन महीने पहले आए थे उपकरण

वेस्टर्न रेलवे के एजीएम के निर्देश के बाद नवंबर में इंदौर कोचिंग डिपो में ब्रेक डाउन के उपकरण पहुंचा दिए गए थे। इसके बाद सीडीएस वरगड़िया को इन उपकरणों के बारे में अपने कर्मचारियों को ट्रेनिंग देना थी, जो अब तक नहीं दी और न उपकरणों का एक बार भी उपयोग किया।

चाहते तो बरलई में ही वैगन कर सकते थे ठीक

27 फरवरी को लक्ष्मीबाईनगर स्टेशन पर बेपटरी टावर वैगन

अगर रेलवे के अफसर चाहते तो दोपहर में जब टावर वैगन का एक्सल बरलई स्टेशन पर टूटा था। उस दौरान उसे वहीं पर ठीक किया जा सकता था, लेकिन ऐसा नहीं किया। टावर वैगन को जबरदस्ती एक अन्य टावर वैगन से जोड़कर लक्ष्मीबाईनगर स्टेशन तक लाया गया। इसके परिणाम स्वरूप यह घटना हुई।

डीआरएम का आदेश नहीं माना

रात 11.45 बजे तक भी टावर वैगन को पटरी पर नहीं लाया जा सका तो डीआरएम ने अफसरों को वैगन को पटरी से उतार एक तरफ करने के निर्देश दि। इसके बावजूद अफसर नहीं माने और वैगन को पटरी पर लाने का काम किया जाता रहा। 1.15 बजे पटरी पर वैगन को रखा और पौने दो बजे ट्रैक क्लियर किया।

सीधी बात

 चाहते तो बरलई में ही टावर वैगन को ठीक किया जा सकता था?

बरलई में टावर वैगन का एक्सल एक तरफ से लॉक हो गया था। वह इंदौर की तरफ मूव कर पा रहा था, इसलिए लक्ष्मीबाईनगर स्टेशन तक उसे लेकर आए।

 कोचिंग डिपो के सीडीएस वरगड़िया ब्रेक डाउन इक्विपमेंट लेकर मौके पर पहुंचे, लेकिन उनका उपयोग कर्मचारी नहीं कर पाए?

जो इक्विपमेंट वरगड़िया लेकर गए थे उस दौरान ही उज्जैन से एआरटी भी वहां पहुंच गई थी। ब्रेकडाउन इक्विपमेंट का उपयोग सही समय पर हो पाए इसके लिए एक कोच तैयार किया जा रहा है।

 आपके फाेन करने के बावजूद रेलवे अफसरों ने टावर वैगन को पटरी से नहीं हटाया?

मैंने लगभग पौने 12 बजे फोन किया था। उसके लगभग डेढ़ घंटे बाद ट्रैक क्लियर हो गया। अगर मेरी बात मान ली होती तो एक घंटे पहले ट्रैक क्लियर हो जाता।

 मामले की विभागीय जांच करवाई जाएगी?

हां, इस मामले की जांच के लिए जे ग्रेड के अफसरों की टीम गठित की जा रही है।

आरएन सुनकर, रेलवे डीआरएम

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Web Title: अप्रशिक्षित रेलवे कर्मचारियों को भेज दिया था टावर वैगन को पटरी पर लाने, आधे घंटे के काम में लगे 4 घंटे
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