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ऑनलाइन सिस्टम नहीं ले रहा आवेदन, इसलिए नहीं बन पा रहा लाइसेंस

परिवहन विभाग द्वारा काम को आसान और सुविधाजनक बनाने के लिए किया गया कम्प्यूटरीकरण अब विभाग पर ही भारी पड़ रहा है।...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 04:45 AM IST
परिवहन विभाग द्वारा काम को आसान और सुविधाजनक बनाने के लिए किया गया कम्प्यूटरीकरण अब विभाग पर ही भारी पड़ रहा है। पूरा विभाग पिछले कुछ दिनों से एक लाइसेंस के कारण परेशान है। इसका कारण लाइसेंस न बन पाने के कारण आवेदक द्वारा सीएम हेल्पलाइन पर की गई शिकायत है, जिसका हल विभाग नहीं कर पा रहा है।

सांवेर में रहने वाले सुरेशचंद्र पटेल ने 1 फरवरी को अपने लाइसेंस में हेवी व्हीकल को चलाने की कैटेगरी जुड़वाने का आवेदन किया था। उनके पास मौजूद लाइसेंस में पहले से दो और चार पहिया वाहन के साथ कमर्शियल वाहन की कैटेगरी शामिल थी। इस लाइसेंस में निजी दो और चार पहिया वाहन को चलाने की वैधता सितंबर 2017 को खत्म हो चुकी है, लेकिन कमर्शियल कैटेगरी की वैधता जून 2018 तक की है। इस आधार पर नियमानुसार इसे वैध माना जाता है और इसी आधार पर उन्हें लाइसेंस अपडेट करवाने का अपॉइंटमेंट भी मिला, लेकिन जब वे लाइसेंस बनवाने आरटीओ ऑफिस पहुंचे तो उन्हें यह कहकर लौटा दिया कि उनके दो और चार पहिया लाइसेंस की वैधता खत्म होने के कारण उन्हें पहले उसे रिन्यू करवाना होगा। उन्होंने नियमों की जानकारी लेने के बाद इसकी शिकायत सीएम हेल्पलाइन में कर दी। इसके बाद से उन्हें चार बार ऑफिस बुलाया जा चुका है, लेकिन सिस्टम द्वारा आवेदन स्वीकार न किए जाने की बात पर हर बार उन्हें लौटा दिया जाता है।