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प्रदेश के सभी उपभोक्ता फोरम में नए सिरे से होगी जजों की चयन प्रक्रिया

इंदौर सहित प्रदेश के सभी जिलों के उपभोक्ता फोरम में सुनवाई ठप हुए 1 मार्च को पांच माह हो जाएंगे। अब जजों की चयन...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 04:45 AM IST
इंदौर सहित प्रदेश के सभी जिलों के उपभोक्ता फोरम में सुनवाई ठप हुए 1 मार्च को पांच माह हो जाएंगे। अब जजों की चयन प्रक्रिया नए सिरे से होगी, इसलिए यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि फोरमों में सुनवाई कब शुरू होगी। सभी उपभोक्ता फोरम के जजों का जिला और फैमिली कोर्ट में स्थानांतरण किए जाने से गत 1 अक्टूबर को पद रिक्त हुए थे। तब से सुनवाई ठप है और लंबित प्रकरणों की संख्या बढ़ती ही जा रही है।

जिला उपभोक्ता फोरमों के लिए रिटायर्ड जजों की भर्ती की जाना है। राज्य उपभोक्ता फोरम ने गत वर्ष अक्टूबर में रिटायर्ड जजों से आवेदन मांगे थे। कई रिटायर जजों ने आवेदन भी दिए थे और चयन प्रक्रिया भी शुरू हो गई थी, लेकिन किसी कारणवश चयन प्रक्रिया रुक गई। अब नए सिरे से प्रक्रिया शुरू होगी।

नए प्रकरणों में नोटिस भी जारी नहीं हो पा रहे

एडवोकेट प्रवीण रावल के मुताबिक राज्य उपभोक्ता फोरम ने सभी जिला उपभोक्ता फोरमों को परिपत्र भेज कर कहा है कि जब तक जजों की नियुक्ति न हो और कोरम पूरा न हो तब तक नए प्रकरणों में नोटिस जारी नहीं करें। इस कारण अब नोटिस जारी होना भी बंद हो गए हैं। जिला उपभोक्ता फोरम की तीन सदस्यीय पीठ होती है जिसमें अब तक न्यायिक सेवारत अपर सत्र न्यायाधीश (एडीजे) चेयरमैन होते थे। शेष दो सदस्यों को आम जनता में से राज्य शासन के खाद्य विभाग द्वारा नियुक्त किया जाता है। अब हाई कोर्ट ने निर्णय लिया है कि फोरमों में केवल रिटायर्ड जिला जजों को ही चेयरमैन बनाया जाएगा।

सुनवाई ठप होने से लगातार बढ़ रही है लंबित प्रकरणों की संख्या

इंदौर में दो जिला उपभोक्ता फोरम हैं। फोरम क्रमांक एक रेसीडेंसी एरिया में है। इसमें शहर सीमा से बाहर के यानी जिले के प्रकरण चलते हैं। इसमें वर्तमान में 11 सौ केस लंबित हैं, जिनमें सौ केस नए भी शामिल हैं। इसमें जज के साथ ही एक सदस्य का पद खाली है। अभी सिर्फ एक ही सदस्य हैं। फोरम क्रमांक दो नौलखा कॉम्प्लेक्स में है। इसमें शहरी सीमा के केस चलते हैं और लगभग 27 सौ केस लंबित हैं। इनमें साढ़े छह सौ नए केस भी शामिल हैं।