--Advertisement--

कोर्ट में दहेज यातना की शिकायत सही नहीं निकली, 25 दिन में फैसला

जिला कोर्ट में एक प्रकरण का फैसला 25 दिन में सुनाते हुए पाया कि महिला द्वारा सास, ससुर, पति व ननद के खिलाफ दर्ज करवाया...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 04:45 AM IST
जिला कोर्ट में एक प्रकरण का फैसला 25 दिन में सुनाते हुए पाया कि महिला द्वारा सास, ससुर, पति व ननद के खिलाफ दर्ज करवाया दहेज प्रताड़ना का मामला सही नहीं है।

समर्थ पार्क महू निवासी युवती का विवाह नीलेश इंगले से मई 2017 में हुआ था। युवती ने जनवरी 2018 में महिला थाना इंदौर में पति नीलेश, सास पुष्पा, ससुर मनोहर व ननद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी ससुर ने शादी के समय दिए तीन लाख रुपए वापस लाने के लिए प्रताड़ना और मारपीट की। पुलिस ने 15 जनवरी 2018 को चालान पेश किया था। एडवोकेट केपी माहेश्वरी के मुताबिक प्रकरण की सुनवाई में कोर्ट ने फरियादी युवती के भी कथन लिए। न्यायिक मजिस्ट्रेट केशव सिंह ने फैसले में कहा कि युवती ने मात्र साधारण विवाद को लेकर पुलिस में आवेदन दिया जिस पर पुलिस ने एफआईआर भी कर ली। कोर्ट ने फैसले में कहा कि युवती के बयान से दहेज के लिए शारीरिक, मानसिक प्रताड़ना का अपराध किया जाना साबित नहीं हुआ। कोर्ट ने फैसले में कहा दहेज प्रताड़ना की घटना ससुराल में घटती है किंतु युवती ने कोर्ट में ऐसे कोई कथन नहीं दिए जिससे दहेज प्रताड़ना माना जाए।