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सिस्टम पर संदेह, 35 हजार कारोबारी ही हुए रजिस्टर्ड

50 हजार से अधिक मूल्य का कर योग्य माल एक राज्य से दूसरे राज्य में परिवहन करने के लिए इंटर स्टेट ई-वे बिल सिस्टम एक...

Dainik Bhaskar

Apr 01, 2018, 04:45 AM IST
50 हजार से अधिक मूल्य का कर योग्य माल एक राज्य से दूसरे राज्य में परिवहन करने के लिए इंटर स्टेट ई-वे बिल सिस्टम एक अप्रैल से पूरे देश में लागू हो रहा है। कारोबारियों को अभी भी इस सिस्टम को लेकर संदेह है। इसी के चलते जीएसटी में रजिस्टर्ड 20 फीसदी कारोबारियों ने भी खुद को ई-वे बिल के लिए बने पोर्टल पर रजिस्टर्ड नहीं कराया है। मप्र के पौने तीन लाख कारोबारियों में से करीब 35 हजार ने ही रजिस्टर्ड कराया है, इसमें भी ट्रांसपोर्टर की संख्या काफी कम है, जिन्हें अपने वाहनों से यह माल भेजना है।

जानकारों के अनुसार, कारोबारी सिस्टम को देख रहे हैं कि यह चलता है या नहीं। सिस्टम चल गया, तभी रजिस्टर्ड कर माल भेजना, मंगाना शुरू करेंगे। अधिकांश कारोबारियों ने पहले ही कुछ दिन का माल मंगा लिया और भेज दिया है।

क्रोम में हिस्ट्री क्लियर करने पर डाउनलोडिंग आसान

व्यापारियों ने शाम को ई-वे बिल जनरेट करने में समस्या आने की बात कही। बाद में व्यापारियों ने तकनीकी सलाह लेकर क्रोम के ब्राउजर में जाकर पुरानी हिस्ट्री क्लियर कर प्रयास किए तो ई-वे बिल की प्रक्रिया आसानी से हो गई। गोयल ने बताया कि कम्प्यूटर शुरू करने के बाद कम्प्यूटर के कैच, बग्स को साफ कर देना चाहिए। इससे ऑनलाइन डाउनलोड आसानी से हो जाएंगे।

आज से 2 शुरुआत

24 घंटे में निरस्त हो सकता है बिल





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