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20 सेकंड में भरभराकर गिरी होटल, धूल के गुबार और अंधेरे में जान बचाकर भागे लोग

सरवटे बस स्टैंड में एमएस होटल की 80 साल पुरानी इमारत 20 सेकंड में ढह गई थी। धूल के गुबार और अंधेरे में लोग जान बचाने को...

Danik Bhaskar

Apr 01, 2018, 04:50 AM IST
सरवटे बस स्टैंड में एमएस होटल की 80 साल पुरानी इमारत 20 सेकंड में ढह गई थी। धूल के गुबार और अंधेरे में लोग जान बचाने को इधर-उधर भागते रहे। वहीं, इस घटना में जहां होटल मालिक की लापरवाही सामने आ रही है, वहीं निगम प्रशासन भी कम जिम्मेदार नहीं है। नगर निगम ने इस होटल को जर्जर घोषित कर रखा था, लेकिन इसे न तो गिराया और न न तब ध्यान दिया, जब इस पर दो मंजिल और बना दी गई। इसमें चौथी मंजिल का भी काम चल रहा था। इसके अलावा होटल के जिस बुजुर्ग मैनेजर की मौत हुई है, उसकी प|ी और बेटी का आरोप है कि अंदर रिपेयरिंग का काम भी चल रहा था। आठ दिन पहले इसकी छत भी गिर गई थी। पिता ने होटल के मालिक को इसकी जानकारी दी थी, लेकिन उसने ध्यान नहीं दिया। वह पापा से जबरदस्ती दो शिफ्ट में काम कराता था। यही नहीं इमारत गिरने के बाद मैनेजर के परिवार को सिर्फ दीवार गिरने की जानकारी दी गई थी।

स्कीम नंबर 51 निवासी होटल मैनेजर हरीश कुमार सोनी (70) मलबे में दब गए। घटना के बाद उनकी प|ी लक्ष्मी, बेटी किरण पास खड़े होकर उनके बाहर आने का इंतजार कर रहे थे। जब उन्हें बाहर निकाला गया तो शव देखकर सभी हतप्रभ रह गए। बेटी और प|ी ने बताया कि हरीश होटल में तीन साल से मैनेजर थे। वे दिन-रात दोनों शिफ्ट में काम करते थे। बेटी ने कहा कि बिल्डिंग गिरने के बाद उन्हें यही बताया गया कि दीवार गिरी है। वहीं, होटल के आसपास रहने वाले लोगों का कहना था कि यह इमारत करीब 60 साल पुरानी थी। इस पर ही बिना पिलर के दो मंजिल और तान दी थी। दो-तीन बार इसकी शिकायत की जा चुकी थी। यह बात भी सामने आई कि मैनेजर से उनके बेटे ने हादसे से 10 मिनट पहले ही बात की थी। मैनेजर ने उससे बोला कि मैं होटल में हूं। बेटे ने कहा कि मैं मिलने आ रहा हूं, लेकिन उसके पहुंचने से पहले ही हादसा हो गया।

 भोपाल  39.6  20.0


मलबे से ज़िंदगी बचाने की जद्दोजहद


रविवार, 1 अप्रैल, 2018

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