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मॉडल आंसरशीट में गड़बड़ी पर पीएससी ने सात विशेषज्ञों को किया ब्लैक लिस्टेड

राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा निरस्त नहीं होगी, पांच प्रश्नों के कारण मेरिट भी नहीं होगी प्रभावित भास्कर...

Danik Bhaskar | Apr 01, 2018, 04:50 AM IST
राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा निरस्त नहीं होगी, पांच प्रश्नों के कारण मेरिट भी नहीं होगी प्रभावित

भास्कर संवाददाता | इंदौर

मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग ने राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2017 के परचे और मॉडल आंसरशीट में गड़बड़ी पर सात विषय विशेषज्ञों को जीवनभर के लिए ब्लैक लिस्टेड कर दिया है। पीएससी अब इन्हें किसी भी परीक्षा का कोई भी काम नहीं सौंपेगी। हालांकि यह भी साफ किया है कि किसी भी स्थिति में प्रारंभिक परीक्षा निरस्त नहीं होगी।

पीएससी चेयरमैन भास्कर चौबे ने बताया कि परचे और मॉडल आंसरशीट में गड़बड़ी न हो, इसके लिए मॉडरेशन प्रक्रिया में तीन और बैरियर लगाएंगे, ताकि यह बात पुख्ता हो जाए कि कहीं कोई गड़बड़ तो नहीं है। मॉडल आंसर पर कहा कि पिछले साल हुई परीक्षा में महज एक जवाब में गड़बड़ी सामने आई थी। इस बार संख्या पांच तक पहुंच गई, इसलिए हम प्रक्रिया मजबूत करने के साथ ही सख्त कार्रवाई कर रहे हैं। शेष | पेज 8 पर





उन्होंने कहा कि पांच सवालों को हटाकर मूल्यांकन होगा। ऐसे में मेरिट पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।

कुछ खास बातें जो एमपी पीएससी ने कही है

- परीक्षा-रिजल्ट का सिस्टम देश में सबसे बेहतर। यूपीएससी से ज्यादा व्यवस्थित सिस्टम है। देश के अन्य पीएससी के लोग यहां सिस्टम समझने आते हैं।

- परीक्षाओं का सारा शेड्यूल पटरी पर है। समय पर हो रही हैं ज्यादातर परीक्षाएं।

- हमारे पास प्रारंभिक परीक्षा के बाद भी पद बढ़ाने का अधिकार है, ताकि ज्यादा से ज्यादा अभ्यर्थियों को फायदा मिले।





गड़बड़ियों पर दी सफाई

प्रदेश के बाहर से आते हैं परचे, परीक्षा के दिन ही खुलते हैं

पीएससी चेयरमैन ने लगातार परीक्षाओं के परचों में गड़बड़ी को लेकर कहा कि परचे अन्य राज्यों में तैयार होते हैं। वहां से एग्जाम वाले दिन ही हमारे पास पहुंचते हैं और सीधे सेंटर भेजे जाते हैं। ऐसे में गोपनीयता का ध्यान रखना जरूरी होता है। अब हम परचों या मॉडल आंसरशीट में गड़बड़ी पर ऐसी ही सख्त कार्रवाई करेंगे। उन्होंने कहा कि मॉडल आंसर में आपत्ति के लिए 100 रुपए शुल्क लगाए जाने के बाद ऐसे अभ्यर्थियों की संख्या घटी है जो बात-बात पर आपत्ति जताते थे।

पीएससी ने क्यों दी सफाई?

सैकड़ों अभ्यर्थी मॉडल आंसरशीट में गड़बड़ी और अलग-अलग सेट में एक विषय के दो अलग-अलग जवाब जैसे मुद्दों पर आंदोलन कर रहे हैं। सात दिन से धरना आंदोलन चल रहा है। तीन बार अभ्यर्थी पीएससी के गेट पर हंगामा कर चुके हैं। इससे पीएससी प्रबंधन पर लगातार सवाल उठ रहे थे। राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने भी शुक्रवार को ही पीएससी प्रबंधन को इस मामले में अभ्यर्थियों का पक्ष जानने को कहा था।