Hindi News »Madhya Pradesh News »Indore News »News» लपटों के कारण पिघल गए थे टीन शेड, केमिकल के कारण रोड तक फैली आग

लपटों के कारण पिघल गए थे टीन शेड, केमिकल के कारण रोड तक फैली आग

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 01, 2018, 02:10 PM IST

सांवेर रोड औद्योगिक क्षेत्र के एफ सेक्टर में फैक्टरी में आग की लपटें 35 से 40 फीट तक उठी थीं जो 10 किमी दूर तक दिखीं। आग...
सांवेर रोड औद्योगिक क्षेत्र के एफ सेक्टर में फैक्टरी में आग की लपटें 35 से 40 फीट तक उठी थीं जो 10 किमी दूर तक दिखीं। आग ने पास में चप्पल की फैक्टरी के ट्रांसफाॅर्मर को भी चपेट में लिया था। फायर ब्रिगेड की टीम ने बिजली कंपनी के अधिकारियों को बोलकर बिजली सप्लाय बंद करवाई। फायर ब्रिगेड एसपी अंजना तिवारी ने बताया दोपहर 3.10 बजे जसपाल सिंह अरोरा की बीसी पेट्रो केम फैक्टरी में आग लगने की सूचना मिली थी। चंद मिनट में आग ने पूरी फैक्टरी को घेर लिया। टीन शेड भी आग में पिघलकर सिकुड़ गए। वहीं, इंदौर फायर स्टेशन के संसाधन कम लगने पर कलेक्टर निशांत वरवड़े ने उज्जैन व देवास कलेक्टर को कॉल कर फायर ब्रिगेड की टीम बुलाई थी। अपर कलेक्टर रुचिका चौहान, फायर ब्रिगेड डीएसपी उमाकांत चौधरी, तीन इंस्पेक्टर भी मौके पर पहुंचे थे।

पैर में चोट, फिर भी आग बुझाता रहा

फायर ब्रिगेड के हेड कांस्टेबल भवानी शंकर और अमित बौरासी पानी के पाइप की होजिंग कर फैक्टरी परिसर की दीवार के पास आग बुझाने पहुंच गए, जबकि लपटें इतनी तेज थी कि 15 फीट दूर भी खड़ा रहना मुश्किल था। जवानों ने केमिकल को पानी व फोम की मदद से फैलने से रोका और सड़क पर आने नहीं दिया। इधर, एक फायर जवान को पैर में तार लगने से अंगूठे में गहरी चोट आई। फिर भी वह आग बुझाता रहा।

उद्योगपति बोले- इंतजाम नाकाफी

एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्री मप्र के अध्यक्ष आलोक दवे ने बताया उद्योगपतियों द्वारा दी गई जमीन पर एक करोड़ रुपए में फायर स्टेशन बन गया है, लेकिन फायर ब्रिगेड आज तक न स्टाफ दे सका है न संसाधन। इस तरह की घटनाओं में उद्योगपतियों को काफी नुकसान हेाता है। इधर, पार्षद दीपक जैन ने बताया हमने आग को देखते हुए एयरपोर्ट से भी मदद मांगी है।

यह बाइक बता रही है आग की भयावहता।

3 किमी दूर मानक स्तर से डेढ़ गुना थे धूल के कण

मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एमपीपीसीबी) द्वारा पोलोग्राउंड में लगाए गए कंटिन्युअस एयर पॉल्यूशन मॉनिटरिंग स्टेशन पर दर्ज आंकड़ों से यह तथ्य सामने आए। यह स्टेशन उक्त फैक्टरी से करीब तीन किमी दूर है। आग लगने से पहले सेंटर पर हवा में धूल कणों की मात्रा (पीएम-2.5) आठ दर्ज की गई थी। आग लगने के बाद शाम तक यह 96 तक पहुंच गई, जबकि मानक स्तर 60 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर है। इसी तरह बड़े धूल कण (पीएम-10) की संख्या पहले 30 थी, जो आग के बाद 126 पहुंची। इसका मानक स्तर 100 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर है। आग के कारण हवा में कार्बन मोनोआक्साइड का स्तर दो से बढ़कर तीन पर पहुंच गया। इसका मानक स्तर भी दो होता है।

लगभग 8 किमी दूर संजय सेतु तक दिखा फैक्टरी से उठा धुआं।

35 से 40 फीट तक उठी लपटें

हर घंटे बढ़ा प्रदूषण

समय पीएम-2.5 पीएम-10 सीओ

3.15 बजे 8 30 2

4.15 6 27 2

5.15 14 36 2

6.15 36 61 2

7.15 93 126 3

8.15 120 157 4

(प्रदूषण विभाग से मिली जानकारी के अनुसार)

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Indore News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: लपटों के कारण पिघल गए थे टीन शेड, केमिकल के कारण रोड तक फैली आग
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

Stories You May be Interested in

      More From News

        Trending

        Live Hindi News

        0
        ×