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4 लाख तक टैक्स फ्री हो आय, सरल हो जीएसटी

इनकम टैक्स का स्लैब ढाई से बढ़कर चार लाख रुपए होना चाहिए। तभी लोगों को राहत मिलेगी और बचत बढ़ने से बाजार में भी खरीदी...

Dainik Bhaskar

Feb 01, 2018, 02:15 PM IST
4 लाख तक टैक्स फ्री हो आय, सरल हो जीएसटी
इनकम टैक्स का स्लैब ढाई से बढ़कर चार लाख रुपए होना चाहिए। तभी लोगों को राहत मिलेगी और बचत बढ़ने से बाजार में भी खरीदी हो। 1 फरवरी को पेश होने वाले आम बजट को लेकर हर व्यक्ति की मुख्य उम्मीद यही है। वहीं, जीएसटी सरल करने के रोड मैप को लेकर व्यापारियों का कहना है कि केंद्र सरकार को बजट में बताना चाहिए कि वह किस तरह से जीएसटी रिटर्न एक करने जा रही है? नियमों को किस तरह सरल कर राहत दी जा सकती है? इंदौर लोहा व्यापारी एसोसिएशन के इशाक चौधरी का कहना है कि ई-वे बिल को एक जिले के अंदर लागू करना समझदारी नहीं होगी। इसे बड़ी दूरी के लिए ही लागू करना चाहिए। कपड़ा बाजार एसोसिएशन का कहना है कि उन्हें ई-वे बिल से अलग रखना चाहिए। वहीं, सीए अभय शर्मा ने कहा कि टैक्स स्लैब के साथ ही 80-सी के तहत मिलने वाली छूट का दायरा डेढ़ से बढ़कर ढाई लाख होना चाहिए। इससे बाजार में भी रौनक आएगी और आम व्यक्ति भी आयकर से डरे बिना खुलकर निवेश कर सकेगा। जानकारों का कहना है कि इस बजट में टैक्स स्लैब में तो बढ़ोतरी होगी। उम्मीद यह भी की जा रही है कि जीएसटी के कारण अप्रत्यक्ष कर खत्म होने से जीएसटी को सरल करने की दिशा में सरकार कुछ घोषणा करेगी।

शहर के आमजन से लेकर व्यापारी, उद्योगपतियों ने बताया उसे क्या चाहिए केंद्र सरकर से आज पेश होने वाले बजट में

ऐसी राहत दें कि कम लागत में लगे उद्योग

सरकार की मुख्य चुनौती बेरोजगारी को दूर करना है। इसके लिए जरूरी होगा कि उद्योगों को ऐसी राहत मिले कि वे कम लागत में बड़ी यूनिट लगा सकें। मैन्युफैक्चरिंग से ही रोजगार पैदा होंगे। वहीं, किसानों की नजर इस बात पर है कि उनके उत्पादों का उचित मूल्य उन्हें किस तरह से मिल सकता है, इसके लिए केंद्र ने क्या प्रावधान रखे हैं।

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