• Hindi News
  • Madhya Pradesh
  • Indore
  • News
  • एक क्लर्क ने नकली लोकायुक्त अफसर बन दूसरे से मांगी रिश्वत, रुपए लेते ही असली ने दबोचा
--Advertisement--

एक क्लर्क ने नकली लोकायुक्त अफसर बन दूसरे से मांगी रिश्वत, रुपए लेते ही असली ने दबोचा

Dainik Bhaskar

Feb 01, 2018, 02:15 PM IST
एक क्लर्क ने नकली लोकायुक्त अफसर बन दूसरे से मांगी रिश्वत, रुपए लेते ही असली ने दबोचा


भास्कर संवाददाता | इंदौर

सरकारी स्कूल के प्रभारी लेखापाल को लोकायुक्त पुलिस ने बुधवार को एक अन्य कर्मचारी से 11 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा। आरोपी ने लोकायुक्त पुलिस का नकली अफसर बनकर दूसरे कर्मचारी को धमकाकर रिश्वत मांगी थी।

आरोपी 59 वर्षीय कमलाकांत दुबे निवासी एमओजी लाइंस है। लोकायुक्त एसपी दिलीप सोनी के मुताबिक, आरोपी शासकीय आवासीय ज्ञानोदय विद्यालय मोरोद में सहायक ग्रेड-2 होकर प्रभारी लेखापाल है। उसके खिलाफ इतवारिया बाजार स्थित शासकीय क्षेत्रीय मुद्रणालय (सरकारी प्रेस) के सहायक ग्रेड-2 लेखापाल विक्रम शर्मा ने शिकायत की थी। दरअसल, आरोपी 24 जनवरी को सरकारी डायरी व कैलेंडर लेने के लिए प्रेस गया था। तब फरियादी छुट्टी पर होने से नहीं मिले थे। तीन दिन बाद आरोपी फिर सरकारी प्रेस पहुंचा और फरियादी से कहा कि तुम्हारे खिलाफ शिकायतों की फाइल बन गई है। उसके बाद आरोपी ने फरियादी से फोन पर कहा कि मैं लोकायुक्त पुलिस का अफसर हूं। तुम्हे पकड़ने के लिए टीम मेरे पास बैठी है। पांच लाख रुपए ले आ जाओ। वर्ना लंबे निबट जाओगे। फरियादी ने कहा कि इतने पैसे वह नहीं दे सकता। दूसरे दिन फिर आरोपी ने फोन करके कहा कि मैंने लोकायुक्त अफसरों से कह दिया है कि तुम मेरे भतीजे हो। इसलिए कम पैसों में सेटलमेंट करवा दूंगा। फरियादी द्वारा बड़ी रकम देने में असमर्थता जताने पर आरोपी राशि धीरे-धीरे कम करते हुए 11 हजार रुपए पर आ गया।

आरोपी कमलाकांत दुबे

फरियादी से कहा- कल तो तुम निपट ही जाते

बुधवार को फरियादी से आरोपी ने कहा कि कल तो तुम निपट ही जाते। अभी तुम 11 हजार रुपए लेकर एमओजी लाइंस के सामने सराफा निकेतन स्कूल के पास एटीएम के सामने आ जाओ। फरियादी सुबह 10 बजे ही एटीएम के पास पहुंच गया था। तभी आरोपी पैदल वहां आ गया और फरियादी को देखकर बोला- अच्छा तुम आ गए। 10.15 बजे फरियादी ने आरोपी को 11 हजार रुपए दिए और उसने जैसे ही पेंट के दाहिनी जेब में रखे, लोकायुक्त निरीक्षक आशा शेजकर के नेतृत्व में कांस्टेबल आशीष नायडू व प्रमोद यादव ने उसका हाथ पकड़ लिया। तभी टीम के बाकी सदस्यों ने उसे घेर लिया। तब आरोपी ने लोकायुक्त टीम से कहा मैं लोकायुक्त पुलिस से हूं। कहिए क्या बात है? तब उसे बताया कि वे लोकायुक्त पुलिस से हैं तब वह बोला- अरे असली आ गई? टीम आरोपी को पकड़कर पश्चिम क्षेत्र ट्रैफिक थाने ले गई ।

आरोपी के घर से मिली खुद के खिलाफ शिकायत

बाद में लोकायुक्त दल ने आरोपी के एमओजी लाइंस स्थित घर पर तलाशी ली जिसमें उससे संबंधित कई दस्तावेज मिले। उनमें एक दस्तावेज में उसके खुद के खिलाफ शिकायत है। इसमें शिकायतकर्ता ने कहा है कि आरोपी ने नौकरी के नाम पर उससे 70 हजार रुपए ठगे। आरोपी के पास से पत्रकार संघ का प्रेस कार्ड भी मिला।

X
एक क्लर्क ने नकली लोकायुक्त अफसर बन दूसरे से मांगी रिश्वत, रुपए लेते ही असली ने दबोचा
Astrology

Recommended

Click to listen..