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आखिरी भगोरिया में जोबट, सोंडवा व फूलमाल में उमड़े हजारों लोग, मनोरंज के साथ खरीदारी की

भास्कर संवाददाता | आलीराजपुर / जोबट जिले के जोबट, सोंडवा और फूलमाल में गुरुवार को लगे इस साल के आखिरी भगोरिया हाट...

Danik Bhaskar | Mar 02, 2018, 03:40 AM IST
भास्कर संवाददाता | आलीराजपुर / जोबट

जिले के जोबट, सोंडवा और फूलमाल में गुरुवार को लगे इस साल के आखिरी भगोरिया हाट में गांवों में भगोरिया को लेकर उमंग बरकरार रही। मनोरंजन के तमाम साधन इसमें थे। बड़े झूलों के अलावा छोटे झूले भी थे। मांदल दल भी आए थे, उन्होंने खूब धमाल मचाया। आखिरी भगोरिया होने से ग्रामीणों का उल्लास चरम पर था। युवक युवतियां विभिन्न रंगों के ड्रेस कोड में पहुंचे थे। बच्चों और युवाओं ने झूले चकरियों का जमकर आनंद उठाया।

जोबट में मेला स्थल बदला, व्यापार पर पडा असर : जोबट में क्षेत्र का आखिरी भगोरिया होने से इस बार भारी भीड़ जूटी। प्रशासन ने इस बार भगोरिया का परंपरागत स्थल पुलिस ग्राउंड से बदलकर ग्राम पंचायत कस्बा जोबट में कॉलेज परिसर के पीछे कर दिया। जोबट में होली के खरीददारों की भीड़ नजर आई तो कस्बा जोबट में भगोरिए का जमावड़ा रहा।

स्थल परिवर्तन का असर व्यापार पर पड़ा, व्यापारियों का व्यवसाय अपेक्षा से कम रहा। भगोरिए में डेढ़ दर्जन से अधिक झूले चकरी और मौत का कुंआ का आकर्षण का केंद्र रहा। नगर पंचायत ने पेयजल जल व्यवस्था की। कई माह से बंद कालेज के समीप हैंडपंप भी चालू कर दिया गया। भगोरिए को ढोल मांदल की थाप व कुर्राटियों के साथ बीदाई दी गई।

राजनीतिक रंग से सराबोर रहा

चुनावी वर्ष होने से राजनीतिक दलों ने भी पर्व को भूनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। भाजपा और कांग्रेस ने गेर निकाली। सांसद कांतिलाल भूरिया ने मांदल पर थाप दी तो उनके पुत्र विक्रांत थाली बजाते नजर आए। कांग्रेस नेता सुमेर सिह अजनार की उपस्थिति में ढोल मांदल के साथ गेर निकाली। जिसमें पूर्व मंत्री महेश जोशी, सुलोचना रावत, विशाल रावत, कमरु अजनार, रमेश मेहता मौजूद रहे। आदिवासी संगठन जयस ने भी गेर निकाली।

सोंडवा-फूलमाल में भी उल्लास

सोंडवा में गुरुवार को भगोरिया में जर्बदस्त उत्साह छाया रहा। आसपास के ग्रामीण क्षेत्रो से बड़ी संख्या में ग्रामीण भगोरिया में शामिल होने पहुंचे थे। ढोल मांदल की थाप पर कई घंटो तक आदिवासी ग्रामीणों ने लुत्फ उठाया। इस दौरान ग्रामीण भी अपनी अल्हड़ मस्ती में नजर आए।

फुलमाल भगोरिया में बांसुरी की धुन पर नृत्य करते युवा।

जोबट. पारंपरिक रुप में लुत्फ लेती युवतियां।