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7 स्थानों पर लगा मेला, हरिनगर, पारा, सारंगी, समोई, चेनपुरा में भगोरिया आज

भास्कर संवाददाता |कल्याणपुरा/कालीदेवी/मेघनगर आदिवासी संस्कृति का लोक पर्व भगोरिया अब अपने अंतिम चरण में है।...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 05:05 AM IST
भास्कर संवाददाता |कल्याणपुरा/कालीदेवी/मेघनगर

आदिवासी संस्कृति का लोक पर्व भगोरिया अब अपने अंतिम चरण में है। उत्सव के आखिरी दिनों में ग्रामीण पूरे जोश के साथ हाट बाजार में पहुंच रहे हैं। गुरुवार को जिले में पारा, हरिनगर, सारंगी, समोई व चेनपुरा में आखिरी भगोरिया हाट भराएगा। इससे पहले बुधवार को उमरकोट, माछलिया, करवड़, बोड़ायता, कल्याणपुरा, मदरानी व ढेकल में भगोरिया हाट भराया। ग्रामीण टोलियों के रूप में पहुंचे। हाट बाजार में कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दलों के पदाधिकारियों ने गेर निकाली। वहीं ग्रामीणों ने भी मेले में लगे झूले चकरियों का जमकर लुत्फ उठाया। वहीं नेता व कार्यकर्ताओं ने भी भगोरिया हाट में पहुंचकर ढोल-मांदल पर हाथ आजमाया।

कल्याणपुरा : टोलियों के रूप में भगोरिया में पहुंचे ग्रामीण

बुधवार को कल्याणपुरा में भगोरिया हाट लगा। आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से सज संवरकर ग्रामीणों की टोलियां हाट बाजार में पहुंची। सुबह से शाम तक पर्व की रंगत नजर आई। अच्छा व्यापार होने से व्यापारी भी खुश नजर आए। भगोरिया में कांग्रेस और भाजपा दोनों ने गेर निकाली। कांग्रेस की गेर में सांसद कांतिलाल भूरिया, पूर्व विधायक जेवियर मेड़ा, हेमचंद डामोर, मकना निनामा, राकेश घोड़ावत, उमेश चौहान सहित कार्यकर्ता मौजूद थे। गेर गुजरी मार्ग से निकली और नगर भ्रमण करने के बाद पुन: गुजरी मैदान पर पहुंचकर समापन हुआ। कार्यकर्ता 35 ढोल और एक डीजे के साथ शामिल हुए। वहीं भाजपा की ओर से निकाली गई गेर में विधायक शांतिलाल बिलवाल, शैलेष दुबे, बबलू सकलेचा सहित कार्य शामिल हुए। गेर ने पूरे गांव में भ्रमण किया। थाना प्रभारी भागीरथ बघेल पूरे समय अपने बल के साथ सुरक्षा व्यवस्था संभालते नजर आए।

करवड़ : संस्कृति विभाग के दल ने दी प्रस्तुति

करवड़ में लगे भगोरिया हाट में खास तौर से संस्कृति विभाग का दल पहुंचा। इंदौर, बेतूल, डिंडोरी और कुक्षी की तीन टीम यहां पहुंची थी। जिन्होंने चांदनी चौक में करीब एक घंटे तक प्रस्तुति दी।

जपं अध्यक्ष सुशीला भाबर ने मदरानी भगोरिया में ढोल बजाया।

कल्याणपुरा भगोरिया में दिनभर ग्रामीणों की भीड़ रही।

दूधी : उमरकोट में नजर आई आदिवासी परंपरा

उमरकोट पूरे मेले में आदिवासी परंपरा नजर आई। ग्रामीण सज-धजकर पहुंचे। सभी ने ढोल-मांदल की थाप पर नृत्य किया। ग्रामीणों ने हाट में लगी व्यंजनों की दुकानों पर भीड़ नजर आई। जनपद सदस्य अकमालसिंह डामोर ने गेर निकाली। गेर में ग्राम पंचायत उमरकोट के सरपंच मोहन डामोर, बसंतससिंह डोडियार, यशवर्धनसिंह राठौर, गोविंद राठौर मौजूद थे।

मदरानी : जनपद पंचायत अध्यक्ष ने भी बजाया ढोल

मेघनगर से 15 किमी दूर ग्राम मदरानी में भगोरिया हाट का रंग जमा। दोपहर होते-होते मेला स्थल पर भीड़ जुटने लगी। बीजेपी और कांग्रेस ने गेर निकालकर उत्साह को दो गुना कर दिया। भाजपा की ओर से विधायक कलसिंह भाबर ने गेर का नेतृत्व किया। इसमें जपं अध्यक्ष सुशीला भाबर भी ढोल बजाती नजर आई। वहीं कांग्रेस की ओर से पूर्व विधायक वीरसिंह भूरिया के नेतृत्व में गेर निकाली गई।

रोटला : 100 से ज्यादा दुकानें और 20 झूलों का उठाया लुत्फ

रोटला भगोरिया में लगे झूले-चकरी का लुत्फ ग्रामीणों ने उठाया।

कालीदेवी से 6 किमी दूर ग्राम रोटला में भगोरिया हाट में ग्रामीणों का जन सैलाब उमड़ा। ग्रामीणों ने झूले-चकरी का आनंद लिया। इसके अलावा गन्ने का रस, कुल्फी, भजिये और जलेबी का लुत्फ भी उठाया। हाट में युवतियां परंपरागत परिधान पहनकर पहुंची तो युवक पेंट, शर्ट और टी-शर्ट पहनकर शामिल हुए। दोपहर में पूर्व विधायक वालसिंह मेड़ा के नेतृत्व में गेर निकाली। जिसमें कार्यकर्ता 130 ढोल के साथ शामिल हुए। मेड़ा ने भी ढोल पर हाथ आजमाया। उनके साथ केमता डामोर, अकमालसिंह डामोर, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष फतेसिंह, बहादुरसिंह अमलियार, सरपंच वरसिंह, पूना भूरिया, विक्रम मेड़ा आदि मौजूद थे। कार्यकर्ताओं का साफा बांधकर स्वागत किया। ग्रामीणों के लिए सरपंच वरसिंह परमार व सचिव शैलेष शर्मा ने ग्राम पंचायत की ओर से पेयजल की व्यवस्था की थी।

करवड़ में प्रस्तुति देता कलाकारों का दल।