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टांडी के 3 एजेंटों ने पुलिस को आवेदन देकर मांगी मदद

मेच्योरिटी के दो वर्ष बाद भी नहीं मिली राशि, निवेशकों ने बनाया दबाव भास्कर संवाददाता | राणापुर मोटे रिटर्न के...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 05:10 AM IST
मेच्योरिटी के दो वर्ष बाद भी नहीं मिली राशि, निवेशकों ने बनाया दबाव

भास्कर संवाददाता | राणापुर

मोटे रिटर्न के फेर में अंचल के सैकड़ों लोग अपनी खून पसीने की कमाई चिटफंड कंपनियों के चक्कर में आकर फंसा चुके हैं। निवेश करवाते समय लोगों को ऊंचे सपने दिखाने वाली कंपनियां मेच्योरिटी के समय टालमटोल कर रही है। ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं जिसमें कंपनियां मेच्योरिटी के दो-दो वर्ष बाद भी राशि नहीं लौटा पा रही हैं।

कंपनी से मिले पोस्ट डेटेड चेक बिना भुगतान के वापस लौट रहे हैं। ऐसे में निवेशकों ने कंपनी के स्थानीय एजेंटों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। निवेशकों में ग्रुप एजेंटों के घर जाकर उनसे अपनी राशि मांग रहे हैं। ऐसे में एजेंट मुंह छुपाकर भाग रहे हैं। ताजा मामला ग्राम टांडी का सामने आया है। यहां के जगदीश नायक, गौतम नायक व जितेंद्र पंचाल ने पुलिस को एक आवेदन दिया है।

इसमें उन्होंने बताया कि तीनों श्रीराम रियल एस्टेट बीमा कंपनी से बतौर एजेंट जुड़े थे। कंपनी से जुड़ते समय कंपनी की ओर से दिखाए गए दस्तावेज पर भरोसा कर वे काम में लग गए थे। अपने निजी संबंधों के जरिये तीनों ने कम समय में बड़ी राशि कंपनी में निवेश करवा दी। जब समय अवधि समाप्त हुई तो कंपनी मेच्योरिटी नहीं दे सकी। ऐसे में एजेंटों को निवेशक परेशान करने लगे तो वे पुलिस से मदद मांग रहे है। आवेदन में तीनों ने बताया कि निवेशक उनके घरों पर आकर अभद्र व्यवहार कर रहे हैं। उनकी पुश्तैनी संपति पर कब्जा करने की धमकी दे रहे हैं।

गत वर्ष थाने में मामला दर्ज कराया था

गत वर्ष 19 जनवरी को ओसरा निवासी जितेंद्र भेरूलाल लोधा ने कंपनी के खिलाफ नोगांवा थाने में मामला दर्ज करवाया था। इसके बाद कंपनी के विरुद्ध जगदीश सोलंकी व शहजाद पटेल ने 21 सितंबर 17 को धोखाधड़ी व अमानत में खयानत का मामला उज्जैन थाने में दर्ज करवाया था। पॉलिसी का अवलोकन कर संजय मेवाड़ा, सुरेश मेवाड़ा, बहादुरसिंह, निर्मल धनेरिया, राजेंद्र साहू, जगदीश मीणा, अचलसिंह व अन्य सहयोगियों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज करवाया गया। साथ ही 136 पाॅलिसियां भी थाने में सीज करवाई गई।