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बैंकिंग की तैयारी कर रहे युवक ने नि:शुल्क पढ़ाया गणित

News - राणापुर में अपने भाई के साथ रहकर बैंकिंग सेवा की तैयारी कर रहे युवक ने कुंदनपुर के शासकीय स्कूल में जाकर 10वीं...

Dainik Bhaskar

Mar 14, 2018, 05:15 AM IST
बैंकिंग की तैयारी कर रहे युवक ने नि:शुल्क पढ़ाया गणित
राणापुर में अपने भाई के साथ रहकर बैंकिंग सेवा की तैयारी कर रहे युवक ने कुंदनपुर के शासकीय स्कूल में जाकर 10वीं छात्राओं को गणित विषय पढ़ाया। असर यह हुआ कि वार्षिक परीक्षा में छात्राओं ने भी पेपर अच्छे से हल कर दिया। उन्हें विश्वास है कि वे सभी पास हो जाएगी।

गणित की निःशुल्क कोचिंग देने वाला युवक रामराज मीणा है। इन्होंने सन 2015 में कोटा (राजस्थान) से बीई सिविल की डिग्री ली है। फिलहाल वे राणापुर में बैंक में कार्यरत अपने भाई धीरज मीणा के साथ रहकर बैंकिंग सेवा की तैयारी में लगे हुए हैं। करीब ढाई माह की अवधि में मीणा ने रोजाना विद्यार्थियों को दो से तीन घंटे पढ़ाकर कोर्स पूरा करवा दिया। खास बात यह है कि मीणा ने छात्राओं को निःशुल्क कोचिंग दी। राणापुर से कुंदनपुर रोजाना बस में खुद की जेब से किराया चुकाकर आना-जाना किया। निजी बस के कंडक्टर व मप्र चालक परिचालक संघ के प्रदेश संगठन मंत्री हाजी लाला से जब मीणा का परिचय हुआ तो उन्होंने उनकी सेवा भावना को देखते हुए उनसे किराया लेना बंद कर दिया। उधर, नियमित टेस्ट लेकर छात्राओं का आत्मविश्वास बढ़ा दिया। छात्रा उर्मिला मंडोड़, प्रमिला वाखला, गुड्डी डामोर आदि ने बताया यदि मीणा सर हमारी मदद नहीं करते तो इस वर्ष हम फेल हो सकते थे। होस्टल अधीक्षिका हेमलता डामोर ने बताया मीणा ने गणित की जटिल समस्याओं को बेहद सरलता से समझा दिया। इससे छात्राओं को खूब मदद मिली।

मीणा ने बताया उन्हें पढ़ाई के साथ जरूरतमंद बच्चों को निःशुल्क कोचिंग देने की प्रेरणा अपनी मित्र यास्मीन बानो से मिली। यास्मीन ने उनके साथ ही बीई किया था। अपने गृह नगर सवाई माधोपुर में एक बार यास्मीन उन्हें झुग्गी झोपड़ियो वाली बस्ती में बच्चों को पढ़ाते मिल गई। मीणा को उसने बताया कि खाली समय में वह नियमित आकर इन बच्चों को मुफ्त में पढ़ाती है। बस उसी दिन से मीणा ने भी तय कर लिया कि वह भी जरूरतमंद बच्चों को निःशुल्क कोचिंग देंगे और उन्होंने पढ़ाना शुरू कर दिया।

मदद का जज्बा

ढाई माह तक दी नि:शुल्क कोचिंग, अब सरकारी स्कूल की 10वीं की छात्राओं काे पास होने का पूरा विश्वास, अन्य लोगों ने भी युवक की मदद

गणित का शिक्षक नहीं होने से छात्राओं को हो रही थी परेशानी

सवाई माधोपुर जयपुर में सेवा देने के बाद उनके भाई का ट्रांसफर जोबट हो गया तब वह भी जोबट आ गए। यहां उन्होंने होस्टल के 10वीं व 12वी के करीब 30 छात्रों को पढ़ाया। सितंबर 20 17 में राणापुर ट्रांसफर होकर आए भाई के साथ मीणा को भी यही शिफ्ट होना पड़ा। मकान मालिक सिंगाड़ कुंदनपुर स्कूल में पदस्थ हैं। उनसे बातचीत में पता चला कि कुंदनपुर में गणित का शिक्षक नहीं है। ऐसे में बोर्ड परीक्षा की तैयारी करने में आ रही परेशानी की जानकारी दी। उन्होंने मीणा को कुंदनपुर जाकर छात्राओं की मदद करने को कहा। उसके बाद मीणा ने वहां जाकर पढ़ाना शुरू कर दिया। छात्राओं की गणित में स्थिति बेहद दयनीय थी। मीणा ने उन्हें बीज गणित, त्रिकोणमितीय, रेखा गणित आदि के कांसेप्ट क्लियर करवाए। पहले जो गणित विषय छात्राओं को डराता था, वह आसान लगने लगा।

कुंदनपुर के शासकीय स्कूल में 10वीं की छात्राओं को गणित पढ़ाते रामराज मीणा।

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