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डीएवीवी के डॉ. जैन बने यूजीसी सेक्रेटरी, पूर्व कुलपति सिंह हैं चेयरमैन

टीचिंग विभाग आईएमएस के डायरेक्टर डॉ. रजनीश जैन को यूजीसी (यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन) का सेक्रेटरी बनाया है।

Danik Bhaskar | Feb 09, 2018, 07:02 AM IST

इंदौर. देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी के सबसे बड़े टीचिंग विभाग आईएमएस के डायरेक्टर डॉ. रजनीश जैन को यूजीसी (यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन) का सेक्रेटरी बनाया है। गुरुवार को उनके नाम की घोषणा हुई। इंदौर के लिए यह नियुक्ति इसलिए भी अहम है क्योंकि यूजीसी के चेयरमैन पद पर डीएवीवी के ही कुलपति रहे प्रो. डीपी सिंह की नियुक्ति दो माह पहले ही हुई है। इंदाैर को इसका खासा फायदा मिलने की उम्मीद है। डॉ. जैन सोमवार को नई जिम्मेदारी संभालेंगे।

आईएएस सहित 40 पहुंचे थे आखिरी राउंड में, बाजी जैन ने मारी

- सेक्रेटरी पद के लिए अंतिम राउंड में देशभर के 40 चुनिंदा लोग पहुंचे थे। इनमें से आईएएस, प्रोफेसर प्रमुख तौर पर शामिल थे। लेकिन इंटरव्यू और तमाम उपलब्धियों के बाद प्रो. जैन का चयन हुआ। डॉ. जैन को किसी भी प्रोजेक्ट का प्रेजेंटेशन कंटेंट के साथ समय से पहले तैयार करने के लिए विशेषज्ञ के तौर पर जाना जाता है।

यूनिवर्सिटी को प्रोजेक्ट मिलने में अब नहीं आएगी दिक्कत
- अगले साल जनवरी में देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी में नैक की टीम का निरीक्षण होना है। ए डबल प्लस ग्रेड के लिए यूनिवर्सिटी को कड़ी मेहनत करना है। लेकिन अब उसकी राह आसान हो जाएगी। यही नहीं प्रोफेसरों के अहम रिसर्च प्रोजेक्ट और यूनिवर्सिटी द्वारा इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए भेजे जाने वाले प्रमुख प्रोजेक्ट को भी अब मंजूरी मिलने में ज्यादा दिक्कतें नहीं आएंगी।

उच्च शिक्षा में यूजीसी देश की सर्वोच्च संस्था, करोड़ों की ग्रांट में नहीं आएगी दिक्कत
- एआईसीटीई, नैक सहित तमाम बड़ी संस्थाएं यूजीसी के तहत काम करती हैं। कॉलेजों और यूनिवर्सिटी को रिसर्च तथा अन्य तमाम प्रोजेक्ट के लिए मिलने वाली करोड़ों रुपए की ग्रांट और प्रोफेसरों के रिसर्च प्रोजेक्ट को भी यूजीसी ही मंजूरी देती है। देशभर में चल रहे परंपरागत, प्रोफेशनल और अन्य तमाम डिग्री कोर्स बगैर यूजीसी की मान्यता के अवैध माने जाते हैं।

कुछ नया करने का प्रयास रहेगा
प्रो. जैन ने भास्कर से कहा कि बेहद अहम जिम्मेदारी मिली है। अब पूरी मेहनत और लगन से काम करूंगा। कुछ नया कर दिखाने का प्रयास रहेगा। डीएवीवी के ही कुलपति रहे प्रो. सिंह का मार्गदर्शन भी मिलेगा।

आईएमएस में नए डायरेक्टर के लिए जैन की पत्नी ही सबसे अागे, आज तय हो सकता है नाम
इधर, आईएमएस के डायरेक्टर पद के लिए कई नामों पर विचार शुरू हो गया है। बताते हैं कि डॉ. जैन की ही पत्नी और सीनियर प्रोफेसर डॉ. संगीता जैन का नाम सबसे आगे है। कुलपति भी उनके नाम पर सहमत बताए जाते हैं। प्रोफेसरों का एक गुट चाहता है कि किसी दूसरे विभाग के प्रोफेसर को आईएमएस का जिम्मा सौंपा जाए। कुछ पूर्व डायरेक्टर के नाम भी चर्चा में हैं, लेकिन यूनिवर्सिटी ने संकेत दिए हैं कि डॉ. संगीता जैन ही नई डायरेक्टर होंगी। कुलपति प्रो. नरेंद्र कुमार धाकड़ ने कहा कि नए डायरेक्टर के लिए विचार शुरू कर दिया है। शुक्रवार दोपहर तक तय कर लेंगे।