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पशुपतिनाथ के अभिषेक व स्पर्श पर प्रतिबंध, 27 से होगा अमल

भगवान पशुपतिनाथ की प्रतिमा का क्षरण रोकने के लिए सोमवार शाम मंदिर समिति ने बड़ा फैसला लिया।

Bhaskar News | Last Modified - Nov 07, 2017, 05:07 AM IST

  • पशुपतिनाथ के अभिषेक व स्पर्श पर प्रतिबंध, 27 से होगा अमल
    मंदसौर (इंदौर). भगवान पशुपतिनाथ की प्रतिमा का क्षरण रोकने के लिए सोमवार शाम मंदिर समिति ने बड़ा फैसला लिया। अब भक्त न तो भगवान का अभिषेक कर पाएंगे और न ही प्रतिमा स्पर्श कर सकेंगे। करीब 1 घंटे 40 मिनट बंद कमरे में चली बैठक के बाद यह निर्णय लिया। यह 27 नवंबर (स्थापना दिवस) से लागू हो जाएगा। प्रतिमा क्षरण रोकने के लिए लंबे समय से प्रयास चल रहे हैं। इसे लेकर कलेक्टोरेट में कलेक्टर ओपी श्रीवास्तव की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें 13 निर्णय लिए। सबसे अहम निर्णय भक्तों द्वारा प्रतिमा का अभिषेक व प्रतिमा छूने पर प्रतिबंध लगाना है।
    - अभिषेक, शृंगार केवल पुजारी करेंगे। वह भी निर्धारित समय व पद्धति से। अभिषेक केवल आरओ के जल से सुबह 9 बजे तक ही होगा। तापेश्वर महादेव का गेट मंगलवार को ही खोल दिया जाएगा। सहस्त्र शिवलिंग की स्थापना होगी। गर्भगृह में फोटो या सेल्फी लेना प्रतिबंधित है।
    - बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के सामान रखने के लिए परिसर में लाॅकर रूम बनाया जाएगा। मंदिर में निजी सुरक्षा एजेंसी की सेवाएं ली जाएंगी। रोज भाेग व शृंगार जनभागीदारी से होंगे तथा संबंधित का नाम डिस्प्ले होगा।
    श्रावण व शिवरात्रि पर नियम रहेंगे शिथिल
    - श्रावण मास व शिवरात्रि पर नियमों को शिथिल रखा जाएगा। इन दिनों में भक्त भगवान का अभिषेक व स्पर्श कर सकेंगे। हालांकि पद्धति में कोई बदलाव नहीं होगा।
    भक्त आरओ का जल पात्र में डालकर करेंगे अभिषेक
    - गर्भगृह में जलाधारी के बाहर एक पात्र लगाकर नली के माध्यम से जल भगवान के चरणों तक पहुंचाया जाएगा। भक्त पात्र में आरओ का जल डालकर भगवान के चरणों में अर्पित कर सकेंगे।
    अब आम श्रद्धालुओं को भस्मारती दर्शन का ज्यादा मौका
    - महाकाल भस्मारती में ज्यादा से ज्यादा आम श्रद्धालु दर्शन कर सकें, इसके लिए मंदिर प्रबंध समिति ने प्रयास शुरू कर दिए हैं। समिति ने रोज जारी हो रही परमिशन में छंटाई करेगी। मंदिर प्रशासक ने अब पंडे-पुजारियों के प्रतिनिधियों को वीआईपी काउंटर से फार्म देकर अनुमति देने पर रोक लगा दी है।
    - प्रतिनिधि सामान्य दर्शनार्थियों के काउंटर से फार्म लेकर अनुमति ले सकते हैं। समिति अभी ऑनलाइन से 400, ऑफलाइन से 750 सहित अन्य प्रोटोकॉल सहित 1500 से ज्यादा भस्मारती परमिशन देती है। ऑनलाइन में प्रति परमिशन 100 रुपए शुल्क है, जबकि अन्य नि:शुल्क होती है।
    - सामान्य काउंटर से रोज 150 से अधिक फार्म बांटते हैं। समिति ने अब आम परमिशन काउंटर का समय अब सुबह 10.30 बजे से कर दिया है।
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