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कंपोजिशन स्कीम मेें बदलाव, 30 हजार व्यापारी जुड़ेंगे

जीएसटी काउंसिल के शुक्रवार को लिए गए फैसलों का सीधा असर प्रदेश के 3 लाख व्यापारियों पर होगा।

Bhaskar News | Last Modified - Nov 11, 2017, 06:18 AM IST

  • कंपोजिशन स्कीम मेें बदलाव, 30 हजार व्यापारी जुड़ेंगे
    इंदौर.जीएसटी काउंसिल के शुक्रवार को लिए गए फैसलों का सीधा असर प्रदेश के 3 लाख व्यापारियों पर होगा। अब इनको मार्च 2018 तक हर माह के लिए केवल जीएसटीआर वन (बिक्री की जानकारी वाला रिटर्न) और जीएसटीआर 3 बी (समरी रिटर्न) ही जमा करना है। जीएसटीआर टू और थ्री को मार्च तक स्थगित कर दिया है। यह फैसला जुलाई से लागू किया जा रहा है, जिससे जुलाई, अगस्त, सितंबर, अक्टूबर के कारोबार के लिए भी कारोबारियों को केवल 3बी और जीएसटीआर वन ही भरना होगा। मार्च में फिर बताया जाएगा कि कब जीएसटीआर टू व थ्री भरना है। व्यापारियों को इनपुट टैक्स क्रैडिट भी मिलती रहेगी, इसके लिए वह मासिक 3 बी रिटर्न में क्लेम कर सकेंगे।

    - मप्र टैक्स लाॅ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अश्विन लखोटिया ने कहा कि कंपोजिशन स्कीम में बदलाव से प्रदेश के 45 हजार व्यापारियों को लाभ होगा जो इस स्कीम में जुड़ चुके हैं, वहीं नए प्रावधानों से अब प्रदेश के 30 हजार और कारोबारियों के जुड़ने की उम्मीद की जा रही है।
    - कमर्शियल टैक्स प्रैक्टिसनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष एके गौर व उपाध्यक्ष केदार हेजा ने कहा कि इसमें इसमें सभी वर्ग के लिए टर्नओवर का एक फीसदी टैक्स कर दिया गया है, साथ ही करमुक्त माल का कारोबार करने पर उसे हटा दिया जाएगा और वह पांच लाख तक सर्विस की आय भी दिखा सकेगा। प्लायवुड पर भी 18 प्रतिशत टैक्स करने से आमजनों को फायदा होगा।
    मकान की लागत में कमी
    - टाइल्स व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष गोविंद अग्रवाल व सचिव प्रेम माहेशवरी ने बताया कि टाइल्स को अब 18 फीसदी के दायरे में कर दिया गया है इससे मकान की लागत कम होगी, फिर भी हमारी मांग है कि इसे पांच फीसदी पर लाया जाए।
    - अहिल्या चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष रमेश खंडेलवाल ने कहा कि नए प्रावधानों से बड़ी राहत मिली है, लेकिन अभी भी रिटर्न में और सुधार की गुंजाइश है।
    नोटबंदी की सलाह देने वाले बोकिल बोले- इस कदम से बहुतों का रोजगार चला गया
    - सरकार को नोटबंदी का सुझाव देने वाले और एक एनजीओ के प्रमुख अनिल बोकिल ने शुक्रवार को माना कि इस कदम से बहुत लोगों का रोजगार छिन गया। उनके एनजीओ ने एक साथ सभी नोट बंद करने का सुझाव नहीं रखा था।
    - हमारा सुझाव था कि 50 रुपए से बड़े नोट चरणबद्ध तरीके से पांच से छह साल में बंद होना चाहिए। मीडिया से चर्चा के दौरान बोकिल ने 500 और 1000 के बड़े नोट बंद कर 2000 के नोट लाने पर कहा कि मुझे नहीं पता सरकार इसे क्यों लाई?
    - बोकिल ने सीए एसोसिएशन इंदौर के फेस-टू-फेस कार्यक्रम में कहा कि टैक्स चोरी के कारण ही ब्लैक मनी आती है। सरकार सारे टैक्स बंद कर टैक्सलेस कैशलेस इकोनाॅमी बनाए। कार्यक्रम में एसोसिएशन चेयरमैन सोम सिंघल,अभय शर्मा, इंदौर विभाग के संघ चालक लक्ष्मणराव नवाथे, डॉ. श्रीकांत, प्रांत प्रचारक विमल गुप्ता आदि मौजूद थे।
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