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भोपाल लैब की जांच रिपोर्ट आने से पहले ही मिलावटखोरों दुग्ध संघ की क्लीन चिट

Bhaskar News | Last Modified - Nov 11, 2017, 06:48 AM IST

दुग्ध संघ ने भोपाल से आधिकारिक जांच रिपोर्ट आने के पहले ही मिलावटखोरों को क्लीन चिट दे दी है।
  • भोपाल लैब की जांच रिपोर्ट आने से पहले ही मिलावटखोरों   दुग्ध संघ की क्लीन चिट
    इंदौर.दुग्ध संघ ने भोपाल से आधिकारिक जांच रिपोर्ट आने के पहले ही मिलावटखोरों को क्लीन चिट दे दी है। इंदौर दुग्ध संघ के सीईओ की तरफ से आधिकारिक रूप से यह जारी किया गया है कि पुलिस द्वारा पकड़े गए दूध टैंकर में उनकी जांच में कोई केमिकल मिलावट नहीं पाई गई। वकीलों के मुताबिक संघ द्वारा आधिकारिक रूप से जारी की गई अपनी लैब रिपोर्ट के चलते इसका मिलावटखोरों को अदालत में फायदा मिल सकता है।
    - गौरतलब है इंदौर पुलिस ने 31 अक्टूबर की रात सुखविंदर सिंह बंटी और उसके साथियों को सांची के दूध टैंकर में मिलावट करते रंगे हाथों पकड़ा था। मौके से दूध चोरी के काम आने वाले साधन व केमिकल भी जब्त किए थे। केमिकल, दूध के सैंपल भोपाल की लैब में भेजे थे, जहां से अभी रिपोर्ट नहीं आई है। लेकिन इससे पहले ही दुग्ध संघ ने अपनी जारी जांच से एक तरह से मिलावटखोरों को क्लीन चिट दे दी है।
    यह कहा दुग्ध संघ ने.....
    - दिनांक 31 .10. 2017 की रात्रि पुलिस द्वारा जब्त किए गए दूध की गुणवत्ता की संघ संयंत्र में जांच करने पर उसमें किसी प्रकार का केमिकल नहीं पाया गया, उस दिन टैंकर जीपीएस की परिधि से बाहर गया था और निर्धारित मार्ग पर नहीं था"
    लैब रिपोर्ट का होगा दुरूपयोग
    - जानकारों के मुताबिक मिलावटखोर इस विज्ञापन के आधार पर अदालत में दुग्ध संघ की लैब रिपोर्ट का दुरुपयोग करेंगे। संघ की लैब भी एक प्रमाणित लैब है । ऐसे में यदि भोपाल की रिपोर्ट में मिलावट आ भी जाती है तो दोहरी रिपोर्ट से संदेह का लाभ अपराधियों को मिलेगा। हाई कोर्ट एडवोकेट चंदन दवे कहते हैं कि दुग्ध संघ की इस क्लीन चिट से मिलावटखोरों को जमानत के लिए एक पुख्ता आधार मिल गया है ।
    अपराधी इसका फायदा उठाने की कोशिश करेंगे
    - मैंने खुद आरोपियों से बात की, जिन्होंने खुद स्वीकारा है कि कैसे वे लंबे समय से मिलावट कर रहे थे। पूछताछ में मिलावटखोरों ने यह भी बताया कि किस मात्रा में पानी, केमिकल मिलाने से जांच में भी मिलावट पकड़ में नहीं आती। दुग्ध संघ द्वारा मिलावट नहीं पाए जाने का बयान जारी करने से मिलावटखोर इसका फायदा उठाने की कोशिश करेंगे ।
    हरिनारायणा चारी मिश्र, डीआईजी, इंदौर
    मुख्यमंत्री ने जिसे गंभीर माना उस सांची दूध की रिपोर्ट 10 दिन बाद भी स्टेट फूड लैब से नहीं आई, इसलिए नहीं हो पा रही आगे की कार्रवाई
    - सांची दूध में मिलावट के सैंपल की जांच रिपोर्ट 10 दिन बाद भी स्टेट फूड लैब भोपाल से नहीं आई है। इस वजह से खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग आगे की कार्रवाई नहीं कर पा रहा है। जबकि इस मामले में मुख्यमंत्री तक ने गंभीरता दिखाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों को निर्देश दिए थे। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने 1 नवंबर की सुबह ही दूध, केमिकल और पानी के कुल चार सेंपल लिए थे। रिपोर्ट तुरंत मिल सके, इसके लिए सैंपल एक अधिकारी के साथ भोपाल भेजे थे, जबकि आमतौर पर सैंपलों को डाक के माध्यम से भेजा जाता है।
    पुलिस जांच में सोडियम सल्फेट
    - आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस ने उक्त केमिकल उपलब्ध करवाने वाले व्यापारी को पकड़ा था। उससे पूछताछ में सामने आया था कि जब्त केमिकल सोडियम सल्फेट था, जिसका इस्तेमाल डिटर्जेंट बनाने में होता है। यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।
    सीएम मांग चुके हैं रिपोर्ट ताकि आगे घटना न हो
    - मामले में सीएम शिवराजसिंह चौहान रिपोर्ट मांग चुके हैं, ताकि आगे ऐसी घटना न हो। एमपी स्टेट को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन लिमिटेड द्वारा भी जांच शुरू की है। क्षेत्रिय विधायक भी प्लांट का निरीक्षण कर चुके हैं। लेकिन सैंपलों की रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है।
    14 दिन के नियम पर अटके लैब अधिकारी
    - स्टेट फूड लैब में किसी भी सैंपल की रिपोर्ट देने का अधिकतम समय 14 दिन का है। लैब अधिकारी इसी समय पर अटके हुए हैं। जबकि विशेषज्ञों के मुताबिक जब्त सैंपलों की जांच रिपोर्ट बनाने के लिए 24 घंटे का समय काफी होता है।
    मंत्री ने भी माना क्लीनचिट गलत
    - भोपाल लैब की जांच रिपोर्ट आने के पहले इंदौर दुग्ध संघ को इस तरह से क्लीन चिट नहीं देनी चाहिए थी। इसका फायदा मिलावटखोरों को मिलेगा।
    अंतरसिंह आर्य, पशुपालन मंत्री, मप्र शासन
    इंदौर का मामला मेरे संज्ञान में नहीं
    - इंदौर दुग्ध संघ के टैंकर मंे मिलावट का क्या मामला पकड़ा गया है। मुझे इस बारे में कोई खबर नहीं है। मैं इस बारे में एमडी से बात करके ही कुछ कह पाऊंगा।
    अजीत केसरी प्रमुख सचिव पशुपालन विभाग
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Web Title: Even Before The Inquiry Report Of Bhopal Lab Came
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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