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नागालैंड से शस्त्र लाइसेंस बनाने वाले सरगना ने पुणे में भी चलाई थी गोली

क्राइम ब्रांच ने आरोपियों को कोर्ट में पेश किया तो कोर्ट ने आरोपियों को जेल भेज दिया।

Bhaskar News | Last Modified - Nov 14, 2017, 07:11 AM IST

  • नागालैंड से शस्त्र लाइसेंस बनाने वाले सरगना ने पुणे में भी चलाई थी गोली
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    इंदौर.पुलिस को नागालैंड से हथियारों के फर्जी लाइसेंस बनाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के सरगना प्रदीप सागवान के खिलाफ पुणे में भी कई आपराधिक मामले होना पता चले हैं। वह पुणे के एक रेस्टोरेंट में गोली भी चला चुका है। पुणे पुलिस को भी उसकी तलाश है। वहीं इंदौर में बनाए गए शस्त्र लाइसेंस को लेकर 1 दर्जन लोगों के नाम क्राइम ब्रांच को पता चले हैं। क्राइम ब्रांच की टीम लाइसेंस व हथियार जब्ती के साथ सभी को आरोपी बना रही है। एक टीम कलेक्टोरेट भी लाइसेंस की जानकारी के लिए पहुंची। वहीं क्राइम ब्रांच ने आरोपियों को कोर्ट में पेश किया तो कोर्ट ने आरोपियों को जेल भेज दिया।
    - एएसपी क्राइम ब्रांच अमरेंद्र सिंह चौहान ने बताया की शहर में नागालैंड से हथियार खरीद कर व उनके शस्त्र लाइसेंस तैयार करवाकर लोगों को बेचे जा रहे थे। इस गैंग से हथियार खरीदने वाले पांच आरोपी संदीप सोनगरा, अमन उर्फ अमरदीप सिंह खैरा, राजेश सिंह बैस, नवल किशोर गर्ग और जगदीश चौधरी को क्राइम ब्रांच गिरफ्तार कर चुकी है।
    - गैंग का मुख्य सरगना प्रदीप सागवान फरार है। इसके अलावा पुणे में भी खुद को आईबी और पुलिस अधिकारी बताकर लोगों से शस्त्र लाइसेंस बनाने के नाम पर 8 से 10 लाख रुपये भी ले चुका है। आरोपी ने साकेत नगर में रहने वाले कारोबारी शैलेंद्र सारडा का और रिटायर्ड सीएसपी के बेटे अभिषेक तिवारी का भी शस्त्र लाइसेंस बनाया है।
    - इन दोनों को भी पुलिस ने आरोपी बना लिया है। इसके अलावा करीब 12 लोगों की ओर जानकारी हाथ लगी है जो इसी तरह लाइसेंस बनवा चुके हैं उन्हें भी आरोपी बनाया जाएगा। इधर गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि मात्र दो फोटो, एक आईडेंटिटी और आधार कार्ड लेकर मात्र एक माह में प्रदीप सागवान उन्हें इंटरनेशनल स्तर का शस्त्र लाइसेंस बनाकर दे देता था।
    - पांचों आरोपियों को क्राइम ब्रांच ने जब कोर्ट में पेश किया तो एडीपीओ हेमंत राठौर ने पैरवी करते हुए कोर्ट को बताया कि आरोपी में से एक भी कभी नागालैंड नहीं गया लेकिन उन्हें आल इंडिया लेवल का शस्त्र लाइसेंस बना दिया गया। क्राइम ब्रांच की एक टीम नागालैंड के दिनापुर पहुंची है। वहां से जिला कलेक्टर कार्यालय से सभी शस्त्र लाइसेंस के नंबरों से उनके रिकार्ड का मिलान कर रही है।
    थानों से भी बुलवाई जानकारी, खुफिया सिस्टम फेल
    - पकड़ाए आरोपियों ने कलेक्टर के निर्देश पर चुनाव व त्योहारों के दौरान कई बार शस्त्र लाइसेंस थानों में भी जमा करवाए। लेकिन खाना पूर्ति के लिहाज से थानों के शस्त्र लाइसेंस जमा करवाने वाले रजिस्टर को भी न तो किसी पुलिस अधिकारी ने चेक किया न ही नागालैंड के लाइसेंस धारकों से संपर्क किया।
    नकली सील-साइन का किया उपयोग
    - सूत्रों के मुताबिक गिरोह सिर्फ नागालैंड से ही शस्त्र लाइसेंस नहीं बनवा रहा था बल्कि गिरोह के तार जम्मू-कश्मीर से भी जुड़े हैं यहां के भी अधिकारियों के सील व साइन किए हुए कुछ शस्त्र लाइसेंस शहर के लोगों को बनाकर दिए जाने की जानकारी अधिकारियों को मिली है। जल्द ही अन्य राज्यों की पुलिस व बड़ी एजेंसियां एकजुट होकर बड़ी कार्रवाई कर सकती है।
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