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होम्योपैथी चिकित्सा में प्रदेश का एक नाम, जिसने बदल दी इलाज की परिभाषा

डॉ द्विवेदी देश के चुनिंदा होम्योपैथिक चिकित्सकों मे से एक हैं, जिन्होंने आम लोगों में होम्योपैथी पर विश्वास जगाया है।

Dainikbhaskar.com | Last Modified - Nov 13, 2017, 05:49 PM IST

    • इंदौर. The Visionaries of Madhya Pradesh के ज़रिए dainikbhaskar.com ने पिछली बार आपकी उन शख्सियतों से मुलाकात कराई थी, जिन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई है। देश और दुनिया में मध्यप्रदेश का नाम रोशन किया है और अपना अलग मुकाम भी हासिल किया है। इसी श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए इस बार हम कुछ ऐसी ही शख्सियतों से आपकी मुलाकात करा रहे हैं। उनमें से एक हैं इंदौर के होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ अश्विनी कुमार द्विवेदी।
      डॉ द्विवेदी देश के उन चुनिंदा होम्योपैथिक चिकित्सकों मे से एक हैं, जिन्होंने आम लोगों में होम्योपैथी को लेकर विश्वास जगाया है। कई असाध्य रोगों का सफल इलाज करने वाले डॉ द्विदेवी आज सेंट्रल इंडिया में एक जाना-पहचाना नाम है। कई निराश रोगियों को उनके एडवांस्ड होम्यो हेल्थ सेंटर एवं होम्योपैथिक मेडिकल रिसर्च प्राइवेट लिमिटेड, इंदौर ने राहत देने के साथ निरोगी बनाया है। और इसी सफलता को आज भी सतत जारी रखे हुए हैं।
      आइए सबसे पहले आपको बताते हैं होम्योपैथी के बारे में
      -विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, दुनिया भर में 50 करोड़ से ज्यादा लोग होम्योपैथी उपचार लेते हैं। ये पूरी दुनिया में दूसरी सबसे बड़ी चिकित्सा प्रणाली है।
      -इंडिया की बात करें, तो यहां सबसे ज्यादा 70 हजार से ज्यादा सर्टिफाइड होम्योपैथी चिकित्सक हैं। अनगिनत होम्योपैथी हॉस्पिटल, क्लिनिक और मेडिकल स्कूल हैं।
      मिर्जापुर के एक छोटे से गांव से शुरू हुई जीवन यात्रा
      - मिर्जापुर उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गांव अकसौली में जन्म। प्रारंभिक शिक्षा भी यहीं हुई।
      - 10 वीं तक पैड़ापुर में शिक्षा लेने के बाद आप नागपुर में उच्च शिक्षा के लिए पहुंच गए।
      - नागपुर में ही उन्होंने गणित और बायोलॉजी विषय से 12वीं की।
      - पिता का सपना था कि वे डॉक्टर बनें, इसे ध्यान में रखते हुए डॉ द्विवेदी ने गोंदिया के होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज में बीएचएमएस में एडमिशन लिया। इसके लिए उन्होंने बाकायदा पिता की अनुमति ली और गोंदिया आ गए।
      - BHMS की डिग्री लेने के बाद डॉ द्विवेदी इंदौर के राजीव गांधी होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज में वाइस प्रिंसिपल बने।
      - इंदौर में उनका होम्योपैथिक सेंटर असाध्य बीमारियों के लिए वन स्टॉप सोल्यूशन बन गया है।
      - डॉ. द्विवेदी भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के अंतर्गत चलने वाले केंद्रीय होम्योपैथिक अनुसंधान परिषद की वैज्ञानिक सलाहकार समिति के सदस्य हैं।
      - सेहत एवं सूरत मासिक पत्रिका के संपादक भी हैं। साथ ही गुजराती समाज द्वारा संचालित एसकेआरपी गुजराती होम्योपैथिक कॉलेज एवं रिसर्च सेंटर प्रोफेसर व फिजियोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष भी हैं।
      होम्योपैथी में लोगों का विश्वास बढ़ा है
      डॉ द्विवेदी के मुताबिक, ‘होम्योपैथी से कई असाध्य रोगों का इलाज हो सकता है। गठिया, अस्थमा, सोरियासिस, अप्लास्टिक एनीमिया, बार-बार होने वाली बीमारियां जैसे स्टोन, रीनल स्टोन, पाइल्स में भी होम्योपैथी इलाज काफी कारगर सिद्ध होता है। यही वजह है कि लोगों का भरोसा बढ़ा है। इस ट्रीटमेंट से बीमारियां दोबारा होने की संभावना भी नहीं होती।’
      एडवांस्ड होम्यो हेल्थ सेंटर के बारे में
      - इंदौर के गीता भवन चौराहे पर स्थित है।
      - यहां लोग तब आते हैं जब हर जगह से निराशा मिलती है। ऑपरेशन, कीमोथैरेपी और रेडियोथैरेपी के बाद भी राहत नहीं मिलती।
      - अस्थमा के मरीज जो इन्हेलर के आदी हैं, यहां आकर उन्हें उससे निजात मिली। उनका न सिर्फ अस्थमा ठीक हुआ बल्कि अब उन्हें रोज़ाना दवाइयां लेने से भी छुटकारा मिल गया।
      - स्पोंडलाइटिस या एलर्जी के कई मरीजों को भी काफी राहत मिली है।

      वीडियो देखें और जानें कैसे डॉ द्विवेदी और उनका सेंटर काम कर रहा है-
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