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14 साल की अंजलि... दूसरी सबसे कम उम्र की डोनर, अंगदान से 3 लोगों को दे गई नई जिंदगी

माता-पिता ने दिखाया साहस, लिवर और दोनों किडनियां की दान

Dainik Bhaskar

Aug 13, 2018, 12:31 PM IST
अंजलि अंजलि

इंदौर. सड़क हादसे का शिकार हुई 14 साल की अंजलि तलरेजा अंगदान की एक नई मिसाल कायम कर गई। डाॅक्टरों ने अंजलि को ब्रेन डेड घोषित कर दिया था। इसके बाद माता-पिता ने साहसिक फैसला लेते हुए उसके लिवर और दो किडनियां दान देने की इच्छा जताई।

रविवार को ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया और तीन मरीजों को लिवर और किडनियां लगाई गई। यह शहर में 34वीं बार ग्रीन कॉरिडोर बना था। संभवत: यह दूसरा मामला है, जब इतनी कम उम्र में किसी के अंगदान किए गए हैं। बालिका के माता-पिता ने ऐसे मौके पर साहसिक फैसला लेते हुए अंगदान की इच्छा जताई। लिवर व दो किडनियां इंदौर के ही अस्पतालों में दो मरीजों को प्रत्यारोपित की गई। इसे मिलाकर शहर में 34वीं बार कैडेबर ऑर्गन डोनेशन हो चुका है। अंजलि पिता संतोष तलरेजा हरदा में सड़क हादसे में घायल हो गई थी। परिजन ने इंदौर के शैल्बी अस्पताल में उसे भर्ती करवाया। यहां डॉक्टरों ने बच्ची को ब्रेन डेथ घोषित किया। इसके बाद शैल्बी हॉस्पिटल से दो ग्रीन कॉरिडोर बनाए गए। पहला लिवर के लिए सीएचएल अस्पताल तक और दूसरा किडनी के लिए चोइथराम हॉस्पिटल तक बनाया गया। एक किडनी शैल्बी हॉस्पिटल में ही प्रत्यारोपित की गई। यह किडनी हरदा के ही एक मरीज को प्रत्यारोपित की गई है।

हार्ट भी करना चाहते थे दान, पर उपयुक्त नहीं था: इंदौर सोसायटी फॉर ऑर्गन डोनेशन डॉॅ. संजय दीक्षित ने बताया कि मरीज का हार्ट प्रत्यारोपण के लिए अनुपयुक्त था, इसलिए उसे नहीं लिया जा सका। लिवर व दो किडनियां रोस्टर के अनुसार तीन मरीजों को शहर के ही अस्पतालों में प्रत्यारोपित की गईं। मुस्कान ग्रुप के जीतू बगानी ने बताया कि हमें शैल्बी हॉस्पिटल से सूचना मिली कि ब्रेन डेथ मरीज है। वहां के ट्रांसप्लांट को-ऑर्डिनेटर के सहयोग से हमने परिवार से बात की। वे मान गए। इंदौर साेसायटी फॉर ऑर्गन डोनेशन के सहयोग से अक्टूबर 2015 से अंगदान का अभियान शुरू हुआ था।

अस्पताल में अपनी लाडली को अंतिम विदाई देती मां। अस्पताल में अपनी लाडली को अंतिम विदाई देती मां।
अंग भेजते समय अंजलि की मां और परिजन के छलक पड़े आंसू। अंग भेजते समय अंजलि की मां और परिजन के छलक पड़े आंसू।
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अंजलिअंजलि
अस्पताल में अपनी लाडली को अंतिम विदाई देती मां।अस्पताल में अपनी लाडली को अंतिम विदाई देती मां।
अंग भेजते समय अंजलि की मां और परिजन के छलक पड़े आंसू।अंग भेजते समय अंजलि की मां और परिजन के छलक पड़े आंसू।
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