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आयुर्वेद कहता है दूध-केला साथ खाना सेहत के लिए ठीक नहीं

आयुर्वेद कहता है दूध-केला साथ खाना सेहत के लिए ठीक नहीं सिटी रिपोर्टर | इंदौर कई बार घर के बड़ों से दोस्तों से...

Danik Bhaskar | Sep 12, 2018, 03:42 AM IST
आयुर्वेद कहता है दूध-केला साथ खाना सेहत के लिए ठीक नहीं

सिटी रिपोर्टर | इंदौर

कई बार घर के बड़ों से दोस्तों से सुना है कि खाने के साथ कभी भी ठंडा पानी या जूस न पिएं। इससे डाइजेशन स्लो हो जाता है। वजन बढ़ता है…कहा सुना है और क्या सही है यह सब बताया गया यंग इंडियंस द्वारा एक कैफे में कराई गई इस वर्कशॉप में। आयुर्वेदिक फूड ब्लॉगर अमृता राणा कहती हैं - दूध हेल्दी होता है और केला हैवी होता है इसलिए कई लोग दूध और केला नाश्ते में साथ लेते हैं।

आयुर्वेद के मुताबिक़ ये ग़लत है। केला और दूध का सेवन एक साथ करना सेहत के लिए सही नहीं है। ये शरीर के कई अंगों की फंक्शनिंग को प्रभावित करता है। मसाले जैसे इलायची, लौंग, तेज़ पत्ता आदि हमारे पाचन में मदद करते हैं इसलिए इन्हे रोज़ के खाने में इस्तेमाल करना चाहिए। खाना खाने के तुरंत बाद फ्रूट्स मत खाइए। फल जल्दी पच जाते हैं और अगर उन्हें खाने के साथ खाते हैं तो वो फरमेंट होना शुरू हो जाते हैं।

फूड ब्लॉगर-कनॉज़ियर अमृता राणा ने वर्कशॉप में बताया आयुर्वेद को कैसे डाइट में शामिल करें

राजा जैसा नाश्ता करने का मतलब ये नहीं है कि घी में डूबे हुए पराठे खा लें, पौष्टिक खाना ज़रूरी

सुबह का नाश्ता राजा की तरह यानी हैवी, दोपहर का आम आदमी की तरह की तरह और रात का खाना गरीब की तरह खाना चाहिए। लेकिन राजा जैसे नाश्ते का अर्थ ये नहीं है कि हम घी में डूबे हुए पराठे या अत्यधिक कैलोरीयुक्त चीजें खाएं। असल में इसका मतलब है कि हमें ऐसा नशता खाना चाहिए जो पौष्टिक हो लंबे समय तक एनर्जी बनाए रखे। जैसे ड्राय फ्रूट्स आदि। कई लोग सुबह के नाश्ते में फ्रूट्स लेते हैं। बल्कि फ्रूट्स को ब्रेकफस्ट से पहले मिनी मील के रूप में खाना चाहिए और उसके आधे घंटे बाद नाश्ता करना चाहिए। नाश्ते और खाने के बीच 3 से 4 घंटे का अंतराल होना चाहिए। अगर बीच में आपको भूख लग रही है तो 12 बजे जब सूरज की किरणें सबसे तेज़ होती हैं तब धनिया, अदरक, और कड़ी पत्ता डालकर छाछ पीजिए। दिन में जो मन हो वो खाइए, क्योंंकि उसके बाद आपके शरीर को पूरा दिन मिल जाता है उसे पचाने के लिए। कोशिश ये करें कि दिन के खाने में आप जो भी खाएं उसमें 6 रस यानी मीठा, खट्टा, नमकीन, कड़वा, तीखा, और कशाय होने चाहिए। शाम को ही बाहर का स्नैक्स, डीप फ्राई चीज़ों के बजाय कुछ हल्का खाना चाहिए जैसे स्प्राउट्स, सिकी मूंगफली आदि। रात का खाना सोने से 3 घंटे पहले और हल्का खाएं जैसे सूप। सोने से पहले गुनगुना पानी पीकर सोएंगे तो पाचन सही रहता है। अगर किसी को पाचन की समस्या है तो उसे दिनभर गुनगुना पानी ही पीना चाहिए।

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